बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा भारत में साल 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले और 2019 में पुलवामा हमले समेत कई हमलों को अंजाम दे चुके हैं। सुरक्षा परिषद को सौंपी गई आईएसआईएस, अल-कायदा और संबंधित व्यक्तियों व संस्थाओं से संबंधित विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के मुताबिक अफगान अधिकारियों ने बताया कि कई समूह अफगानिस्तान में सुरक्षा के सामने खतरा पैदा कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा खतरा पैदा कर रहे समूहों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जैश और लश्कर शामिल हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को लेकर कहा है कि यह भारत के इस दावे को पुख्ता करती है कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का गढ़ है। मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादी और आतंकी संगठन पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकानों पर हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि इससे भारत की ओर से लंबे समय से किए जा रहे दावे को बल मिलता है कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि वह इस क्षेत्र और दुनिया के विभिन्न भागों में हिंसा भड़काते और आतंकवाद फैलाते हैं।
पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम लगाने के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स सहित अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने में विफल रहा है।