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UN Rejects Sudan Plan: 'समानांतर सरकार गठन की कोशिश गलत, क्षेत्रीय शांति पर खतरा', सूडान संकट पर सुरक्षा परिषद

Thu, 14 Aug 2025 03:22 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र

सार

सूडान में जारी गृह युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आरएसएफ द्वारा कब्जे वाले इलाकों में समानांतर सरकार बनाने की योजना को खारिज कर दिया है। यूएनएससी ने इसे देश की अखंडता के लिए खतरा बताया और सभी देशों से बाहरी हस्तक्षेप से बचने की अपील की। 

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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सूडान में चल रहे गृह युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत यूएनएससी ने सूडान के अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) द्वारा अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में समानांतर सरकार बनाने की योजना को सख्ती से खारिज कर दिया है। बुधवार को जारी बयान में यूएनएससी ने कहा कि यह कदम देश की अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा है और इससे गृहयुद्ध और गहराने का खतरा है।

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इसको लेकर यूएनएससी ने एक कड़े बयान में कहा कि वह सूडान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और एकता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही परिषद ने चेताया कि आरएसएफ द्वारा घोषित समानांतर सरकार देश को बांट सकती है और पहले से ही खराब मानवीय हालात को और बदतर बना सकती है।

यूएनएससी ने सभी देशों से की अपील 
यूएनएससी ने किसी देश का नाम लिए बिना सभी देशों से सूडान में किसी भी तरह की बाहरी हस्तक्षेप से बचने और शांति प्रयासों में सहयोग देने की अपील की। परिषद ने कोरडोफन क्षेत्र में हालिया हमलों की भी निंदा की, जिनमें भारी संख्या में नागरिकों की मौत हुई। साथ ही सूडान की सरकार ने पिछले महीने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर कोलंबिया से लड़ाके भेजने और आरएसएफ को समर्थन देने का आरोप लगाया है। हालांकि यूएई ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
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सूडान में तेजी से फैल रहा भुखमरी का संकट
सूडान में जारी गृह युद्ध के चलते देशभर में भुखमरी का संकट तेजी से फैल रहा है। मामले में यूएन के प्रवक्ता स्टेफन दुजार्रिक ने बताया कि डारफुर और पड़ोसी कोरडोफन क्षेत्र में भुखमरी का खतरा तेजी से फैल रहा है। लोग जानवरों के चारे और खाने के कचरे पर जीने को मजबूर हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने अल-फशर में 2.5 लाख लोगों को डिजिटल कैश सहायता दी है लेकिन हालात बहुत गंभीर हैं।

आईसीसी और यूएन की चेतावनी
इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के अनुसार डारफुर में युद्ध अपराध हो रहे हैं। RSF फिलहाल उत्तर डारफुर के अल-फशर को छोड़कर सभी क्षेत्रीय राजधानियों पर नियंत्रण बनाए हुए है। UNSC ने RSF से अल-फशर की घेराबंदी हटाने की पुरानी मांग भी दोहराई।

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समझिए सूडान में संकट कब और कैसे शुरू हुआ?

बता दें कि सूडान में अप्रैल 2023 से हिंसक संघर्ष जारी है, जब देश की सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच पुरानी रंजिशें राजधानी खार्तूम से शुरू होकर पूरे देश में फैल गईं। इस संघर्ष में अब तक लगभग 40,000 लोगों की मौत हो गई। वहीं 1.3 करोड़ लोग बेघर हो चुके हैं और लाखों भुखमरी के कगार पर हैं। 

इसके बाद आरएसएफ ने जून के अंत में सूडान के पश्चिमी हिस्से डारफुर में अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में एक समानांतर सरकार का गठन करने की घोषणा की थी। इसी क्षेत्र में युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों की अंतरराष्ट्रीय जांच चल रही है।

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