भारतीय महिला शांति सैनिकों की तैनाती
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संयुक्त राष्ट्र शांति सेना प्रमुख जीन-पियरे लैक्रोइक्स ने सोमवार को अबेई में भारत से महिला शांति सैनिकों की सबसे बड़ी टुकड़ी की तैनाती का स्वागत करते हुए कहा कि महिला सैनिकों का मतलब कुशल संचालन है। उन्होंने एक ट्वीट करते हुए कहा कि भारत से महिला शांति सैनिकों की सबसे बड़ी टुकड़ी को अबेई में तैनाती में हमें बहुत खुशी हुई। शांतिरक्षक के रूप में अधिक संख्या में महिलाओं की तैनाती का अर्थ है अधिक कुशल संचालन और वे उन लोगों को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने में मदद करते हैं जिनकी हम सेवा करते हैं।
बीते शनिवार को अबेई पहुंची थी महिला पलटन
बता दें कि महिला शांतिरक्षक, हाल के वर्षों में भारत से एकमात्र सबसे बड़ी महिला पलटन, अबेई के लिए संयुक्त राष्ट्र अंतरिम सुरक्षा बल (यूएनआईएसएफए) के साथ अपनी तैनाती शुरू करने के लिए बीते शनिवार को अबेई पहुंची। अबेई दक्षिण सूडान और सूडान की सीमा पर विवादित क्षेत्र है और इसे विशेष प्रशासनिक स्थिति प्रदान की गई है। पिछले साल 31 अक्तूबर तक भारत संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक मिशन में बांग्लादेश के बाद दूसरी सबसे बड़ी सेना भेजने वाला देश है। कुल 12 मिशन में भारत 5,5887 सैनिक और कर्मी भेज चुका है।
महिला शांति सैनिकों ने शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई
संयुक्त राष्ट्र की तरफ से कहा गया है कि महिला शांति सैनिकों की तैनाती का अतीत में शांति स्थापना के वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और समग्र शांति स्थापना के प्रदर्शन में वृद्धि हुई है। इसमें कहा गया है कि समुदायों के लिए उनकी स्वाभाविक पहुंच के कारण महिला शांति रक्षक गतिविधियों में अधिक विविधता जोड़ती हैं और कौशल को व्यापक बनाती हैं" शांति स्थापना मिशन की सफलता सुनिश्चित करें।