Iran Nuclear Programme: तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए काहिरा में ईरान, मिस्र और संयुक्त राष्ट्र के नेताओं की बैठक हुई। आईएईए ने एक रिपोर्ट में तेहरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को चिंता का विषय बताया। वहीं, ईरान ने इस रिपोर्ट को राजनीतिक से प्रेरित बताया।
ईरान, मिस्र और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के शीर्ष नेताओं ने सोमवार को काहिरा में मुलाकात की। यह बैठक ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हुई। दरअसल, संयुक्त की परमाणु निगरानी संस्था की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन भंडार को हथियार स्तर तक बढ़ा रहा है।
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वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख रफाएल मरियानो ग्रोसी ने कहा कि एजेंसी ने यह रिपोर्ट इसलिए तैयार की है, क्योंकि ईरान का यूरेनियम संवर्धन आईएईए के गवर्नर बोर्ड के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। काहिरा में ग्रोसी ने कहा, हमें उम्मीद है कि हमारी स्पष्टता से शांति और कूटनीतिक समाधान के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्तह अल-सीसी और विदेश मंत्री बदर अब्देलअती से मुलाकात की। अराघची की आईएईए प्रमुख ग्रोसी के साथ भी बैठक की। दोनों के बीच रविवार सुबह फोन पर बातचीत हुई थी।
अरागची ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर लिखा कि उन्होंने ग्रोसी से बातचीत में ईरान के 'निरंतर सहयोग' पर जोर दिया। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, आईएईए की एक गोपनीय रिपोर्ट में कड़ी चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान अब एकमात्र ऐसा गैर-परमाणु हथियार संपन्न देश है, जिसने इतने उच्च स्तर तक संवर्धित यूरेनियम का भंडारण किया है। आईएईए ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है।
ईरानी नेतृत्व का मानना है कि आईएईए की रिपोर्ट राजनीति से प्रेरित है और इसका मकसद ग्रोसी के संयुक्त राष्ट्र महासचिव बनने की उम्मीदों को आगे बढ़ाना है। ईरान के परमाणु उर्जा संगठन के प्रमुख, मोहम्मद इस्लामी ने समचार एजेंसी आईआरएनए को बताया कि ग्रोसी इस रिपोर्ट के जरिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के कई सदस्यों के वोट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इस्लामी ने कहा, उन्होंने मूल रूप से एक राजनीतिक रुख अपनाया है और इस राजनीतिक रुख की वजह से माहौल तकनीकी होने की बजाय अधिक राजनीतिक हो गया है।