विश्व के कम से कम 100 नेता और अनेक मंत्री गुरुवार से शुरू हो रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के कोविड-19 पर विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। इसमें वैश्विक महामारी के प्रभाव और वैश्विक स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की जाएगी। इससे दुनियाभर में अभी तक 15 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस कोरोना टीकों को वैश्विक जन संपत्ति मानने पर जोर देंगे, ताकि महामारी से निपटने में कारगर कोई भी टीका सभी के लिए सुलभ हो।
महासभा के अध्यक्ष वोल्कन बोजकिर ने बुधवार को कहा, 'यह कोविड-19 को मात देने के लिए हमें एक ऐतिहासिक क्षण प्रदान करेगा। कई टीकों को मंजूरी मिलने की खबरों और विश्व में इससे निपटने के लिए खरबों डॉलर खर्च किए जाने के बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पास स्थिति बेहतर करने का एक अनूठा मौका है। विश्व नेतृत्व के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर देख रहा है। यह बहुपक्षवाद की परीक्षा है।'
दो दिवसीय इस विशेष सत्र में गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और बोजकिर के भाषण के बाद करीब 140 से अधिक देशों के नेता तथा मंत्री सत्र को संबोधित करेंगे। सत्र को संबोधित करने वालों की सूची में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और यूरोपीय संघ के प्रमुख चार्ल्स माइकल का नाम शामिल है।
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अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री एलेक्स एजर इस उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करेंगे। शुक्रवार को ऑनलाइन तीन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला का पहले से रिकॉर्ड किया गया संबोधन चार दिसंबर को इस सत्र में चलाया जाएगा।
‘बायोटेक’ के सह-संस्थापक यूगुर साहिन और ओजेल ट्यूरसी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में टीका विकसित कर रहे दल की प्रमुख सारा गिल्बर्ट और जीएवीआई (वैक्सीन गठबंधन) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेथ बर्कले भी विशेष सत्र को संबोधित करेंगे।
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संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव गुतारेस सभी देशों और हर जगह के लोगों की जरूरत पर ध्यान केंद्रित करेंगे ताकि सभी तक टीका पहुंच पाए। दुजारिक ने कहा, टीके को एक ‘वैश्विक जन संपत्ति’ समझा जाना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र महासचिव के भाषण का यही आधार होगा।