पाकिस्तान इन दिनों अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इसके बावजूद पाकिस्तान कश्मीर पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में कश्मीर राग अलापा। जिसके बाद भारत ने भी उसे करारा जवाब दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि चाहे जो भी कहे या माने, संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे।
भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि हम इस प्रतिनिधिमंडल (पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल) से कुछ भी नए की उम्मीद नहीं करते हैं। जो भारत की धर्मनिरपेक्ष साख और मूल्यों खिलाफ असुरक्षा और नफरत से भरा हुआ है, जो भारत का आधार हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर राजेश परिहार ने सोमवार को कहा कि इस्लामाबाद बार-बार भारत के बारे में झूठ बोलता है। परिहार ने कहा कि पाकिस्तान का प्रतिनिधि चाहे जो भी माने या चाहे जो भी करे, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
बता दें कि बीते साल नवंबर में भी पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर भारत को घेरने की नाकाम कोशिश की थी लेकिन भारत के प्रतिनिधि ने पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा को माकूल जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के हताशा से भरे प्रयास और बहुपक्षीय मंचों का दुरुपयोग करने की बुरी आदत सहानुभूति हासिल करने की कोशिश है।
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत के इस फैसले पर पाकिस्तान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और राजनयिक संबंधों को कम कर दिया था और भारतीय राजदूत को निष्कासित कर दिया था। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करना उसका आंतरिक मामला है। इसने पाकिस्तान को वास्तविकता को स्वीकार करने और सभी भारत विरोधी प्रचार को रोकने की भी सलाह दी।