संयुक्त राष्ट्र के खाद्य प्रमुख डेविड बेस्ले ने दुनियाभर के अरबपतियों से गुरुवार को मदद मांगी ताकि लगभग 30 करोड़ लोगों को भूख से मरने से बचाया जा सके। बेस्ली ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि यदि इन लोगों को विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के जरिए मदद नहीं मिली तो वे मर जाएंगे। वैश्विक स्तर पर लगभग 27 करोड़ लोग भुखमरी के कगार पर हैं और डब्ल्यूएफपी को इस साल 13.8 लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है।
बेस्ली ने कहा, 'हमें एक साल में खाना खिलाने के लिए 4.9 बिलियन डॉलर की आवश्यकता है। बिना डब्ल्यूएफपी की सहायता के सभी 30 करोड़ लोग मर जाएंगे।' उन्होंने कहा कि 2,000 अरबपति ऐसे हैं जिनकी कुल कमाई आठ ट्रिलियन डॉलर है और बहुत से लोगों ने महामारी के दौरान करोड़ों रुपये कमाए हैं।
दक्षिण कैरोलिना के पूर्व गवर्नर ने कहा, ‘मैं पैसा कमाने वाले लोगों के विरोध में नहीं हूं, लेकिन मानवता हमारे जीवन काल के सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है।’ जून में इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी स्टडीज (आईपीएस) द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के अरबपतियों की संपत्ति कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के बाद से 19 प्रतिशत या आधा ट्रिलियन बढ़ी है।
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18 मार्च से 11 सप्ताह तक जब कुछ अमेरिकी राज्यों में लॉकडाउन की शुरुआत हुई, तब से अमेजन डॉट कॉम के संस्थापक जेफ बेजोस की कमाई लगभग 36.2 बिलियन डॉलर बढ़ी है। वहीं फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग की कमाई में 30.1 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा टेस्ला के एलन मस्क की कमाई में 14.1 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है।
बेस्ली ने कहा, ‘यह समय उन लोगों के लिए है जिनके पास सबसे अधिक धन है जिससे कि वे इस असाधारण समय में उन लोगों की मदद कर सकें जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। दुनिया को अभी आपकी जरूरत है और सही काम करने का समय आ गया है।’