अहमद अल शरा, डोनाल्ड ट्रंप
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सीरिया बनेगा आतंकवाद विरोधी गठबंधन का हिस्सा
अल-शरा की वाशिंगटन यात्रा के दौरान सीरिया के अमेरिका-नेतृत्व वाले इस्लामिक स्टेट विरोधी गठबंधन में शामिल होने की संभावना है। यह गठबंधन 80 देशों का समूह है जो आतंकवाद के पुनरुत्थान को रोकने के लिए काम कर रहा है। 2024 में बशर अल-असद शासन के पतन के बाद, अल-शरा ने क्षेत्रीय और पश्चिमी देशों के साथ संबंध सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए। हालांकि, उनके अतीत में अल-कायदा से संबंधों को लेकर संदेह बना हुआ है।
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अमेरिकी कांग्रेस को अब सीजर सीरिया सिविलियन प्रोटेक्शन एक्ट के तहत लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को स्थायी रूप से हटाने पर निर्णय लेना होगा। सीनेट के डेमोक्रेट और रिपब्लिकन नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि अब समय आ गया है कि सीरिया को पुनर्निर्माण और स्थिरता के रास्ते पर आगे बढ़ाया जाए।
अमेरिका ने कभी घोषित किया था आतंकी संगठन
अल-शरा तब से अरब देशों और पश्चिमी देशों के साथ रिश्ते सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। जहां अधिकारी शुरू में शुरू में उनके अल-कायदा से पुराने संबंधों को लेकर संदेह था। अल-शरा पहले हयात तहरीर अल-शाम नामक विद्रोही संगठन के नेता रह चुके हैं, जिसे अमेरिका ने कभी आतंकी संगठन घोषित किया था।
बता दें कि ट्रंप ने इस साल मई में सऊदी अरब में अल-शरा से मुलाकात की थी और सीरिया पर दशकों से लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाने की घोषणा की थी। उन्होंने बाद में कई प्रतिबंधों को आंशिक रूप से हटा भी दिया। हालांकि, 2019 में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंध अब भी लागू हैं और उन्हें हटाने के लिए कांग्रेस की स्वीकृति आवश्यक होगी।
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अमेरिका ने रखा था एक करोड़ डॉलर का इनाम
सितंबर में अल-शरा ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया था, जिससे संकेत मिला कि सीरिया फिर से वैश्विक कूटनीतिक हलकों में लौटने की कोशिश कर रहा है। अल-शरा कभी अल-कायदा के सीरियाई गुट का नेतृत्व करते थे, लेकिन करीब एक दशक पहले उन्होंने इस नेटवर्क से नाता तोड़ लिया और बाद में आईएसआईएस से भी भिड़ गए। कभी अमेरिका ने उनके सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा था और उन्हें इराक युद्ध के दौरान अमेरिकी बलों ने हिरासत में लिया था।