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UNSC: संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा पर लगे प्रतिबंध हटाए, जल्द ट्रंप से होगी मुलाकात

Fri, 07 Nov 2025 03:57 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अमेरिकी प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके तहत सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा और उनके मंत्रियों पर लगे प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। यह फैसला उनके ऐतिहासिक अमेरिका दौरे से पहले आया है।
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सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा - फोटो : Youtube @unitednations
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बृहस्पतिवार को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा और उनकी सरकार के कुछ सदस्यों पर लगे प्रतिबंध हटाने के लिए अमेरिकी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह ऐतिहासिक फैसला उस समय आया है जब अल-शरा कुछ दिनों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने व्हाइट हाउस पहुंचने वाले हैं। इस प्रस्ताव के पक्ष में 14 सदस्य देशों ने मतदान किया, जबकि चीन ने वोटिंग से परहेज किया।

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‘सीरिया अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है’
अमेरिका के संयुक्त राष्ट्र राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि यह फैसला सीरिया के लिए एक नए युग की शुरुआत है। दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन के बाद यह कदम सीरिया की नई राजनीतिक दिशा को मान्यता देता है। अमेरिका चाहता है कि राष्ट्रपति ट्रंप की मेजबानी में अहमद अल-शरा की यात्रा से दोनों देशों के बीच वर्षों से जमे तनाव खत्म हों। यह 1946 के बाद पहली बार होगा जब कोई सीरियाई राष्ट्रपति वाशिंगटन का दौरा करेगा। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 10 नवंबर को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की मेजबानी करेंगे।

सीरिया ने कहा- ‘विश्वास की वापसी का प्रतीक है यह फैसला’
सीरियाई विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि यह फैसला राष्ट्रपति अल-शरा के नेतृत्व पर बढ़ते वैश्विक विश्वास का प्रतीक है और सीरिया की अंतरराष्ट्रीय साख बहाल करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता है।
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हालांकि चीन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत फू कॉन्ग ने कहा कि यह प्रस्ताव सभी पक्षों की चिंताओं को पूरी तरह से संबोधित नहीं करता। उन्होंने अमेरिका पर “राजनीतिक लाभ” के लिए प्रस्ताव को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।

अहमद अल शरा, डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
सीरिया बनेगा आतंकवाद विरोधी गठबंधन का हिस्सा
अल-शरा की वाशिंगटन यात्रा के दौरान सीरिया के अमेरिका-नेतृत्व वाले इस्लामिक स्टेट विरोधी गठबंधन में शामिल होने की संभावना है। यह गठबंधन 80 देशों का समूह है जो आतंकवाद के पुनरुत्थान को रोकने के लिए काम कर रहा है। 2024 में बशर अल-असद शासन के पतन के बाद, अल-शरा ने क्षेत्रीय और पश्चिमी देशों के साथ संबंध सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए। हालांकि, उनके अतीत में अल-कायदा से संबंधों को लेकर संदेह बना हुआ है।

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अमेरिकी कांग्रेस को अब सीजर सीरिया सिविलियन प्रोटेक्शन एक्ट के तहत लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को स्थायी रूप से हटाने पर निर्णय लेना होगा। सीनेट के डेमोक्रेट और रिपब्लिकन नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि अब समय आ गया है कि सीरिया को पुनर्निर्माण और स्थिरता के रास्ते पर आगे बढ़ाया जाए।
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अमेरिका ने कभी घोषित किया था आतंकी संगठन
अल-शरा तब से अरब देशों और पश्चिमी देशों के साथ रिश्ते सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। जहां अधिकारी शुरू में शुरू में उनके अल-कायदा से पुराने संबंधों को लेकर संदेह था। अल-शरा पहले हयात तहरीर अल-शाम नामक विद्रोही संगठन के नेता रह चुके हैं, जिसे अमेरिका ने कभी आतंकी संगठन घोषित किया था।

बता दें कि ट्रंप ने इस साल मई में सऊदी अरब में अल-शरा से मुलाकात की थी और सीरिया पर दशकों से लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाने की घोषणा की थी। उन्होंने बाद में कई प्रतिबंधों को आंशिक रूप से हटा भी दिया। हालांकि, 2019 में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंध अब भी लागू हैं और उन्हें हटाने के लिए कांग्रेस की स्वीकृति आवश्यक होगी।

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अमेरिका ने रखा था एक करोड़ डॉलर का इनाम
सितंबर में अल-शरा ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया था, जिससे संकेत मिला कि सीरिया फिर से वैश्विक कूटनीतिक हलकों में लौटने की कोशिश कर रहा है। अल-शरा कभी अल-कायदा के सीरियाई गुट का नेतृत्व करते थे, लेकिन करीब एक दशक पहले उन्होंने इस नेटवर्क से नाता तोड़ लिया और बाद में आईएसआईएस से भी भिड़ गए। कभी अमेरिका ने उनके सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा था और उन्हें इराक युद्ध के दौरान अमेरिकी बलों ने हिरासत में लिया था।
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