कतर के अमीर से मिले आसिफ अली जरदारी, रक्षा सहयोग बढ़ाने की पेशकश
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने बुधवार को दोहा में कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाकात कर रक्षा और रक्षा उत्पादन के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने की पेशकश की।
यह मुलाकात दोहा में चल रहे दूसरे विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें राष्ट्रपति जरदारी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। जरदारी की रक्षा सहयोग बढ़ाने की पेशकश पर अमीर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और अधिकारियों को तुरंत बातचीत शुरू करने का निर्देश देने की बात कही। कतर के अमीर ने हाल में हुए पाकिस्तान-सऊदी अरब रक्षा समझौते पर भी संतोष जताया और इसे एक स्वागतयोग्य और समय पर उठाया गया कदम बताया। उन्होंने पाकिस्तान की अनूठी स्थिति की सराहना की, जो एक साथ चीन, पश्चिम और खाड़ी देशों के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखता है। राष्ट्रपति जरदारी ने गाजा के लिए संघर्ष विराम और मानवीय राहत की वकालत करने में कतर के अमीर के नेतृत्व की प्रशंसा की। दोनों नेताओं ने पाकिस्तान और कतर के बीच ऐतिहासिक और भाईचारे के संबंधों की पुष्टि की। जरदारी ने अमीर को पाकिस्तान आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया और अगले साल की शुरुआत में पाकिस्तान आने की जानकारी दी।
लंदन में दो कैदियों को गलती से किया रिहा
ब्रिटेन में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। लंदन की वैंड्सवर्थ जेल से दो कैदियों को गलती से रिहा कर दिया गया। पुलिस अब दोनों की तलाश में जुटी है। यह वही जेल है जहाँ पिछले साल एक कैदी खाने की गाड़ी के नीचे लटककर भाग गया था।
लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय ब्राहिम कद्दूर-शरीफ को 29 अक्टूबर को गलती से रिहा कर दिया गया। वह अल्जीरिया का नागरिक है और चोरी की नीयत से घुसपैठ के आरोप में सजा काट रहा था। पुलिस ने बताया कि वह यौन अपराधी के रूप में भी पंजीकृत है और कई नामों का इस्तेमाल करता है।
वहीं, सरे पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय विलियम स्मिथ को सोमवार को धोखाधड़ी के कई मामलों में 45 महीने की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उसी दिन गलती से रिहा कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि स्मिथ के वोकिंग इलाके से संबंध हैं। इन घटनाओं से ब्रिटेन की जेल व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। हाल ही में नई लेबर पार्टी सरकार ने सख्त निगरानी प्रणाली लागू की थी, लेकिन यह चूक उसके लिए बड़ी शर्मिंदगी का कारण बन गई है।
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड्स की तैनाती फरवरी के आखिर तक बढ़ा दी गई है। 4 नवंबर के औपचारिक आदेश में 11 अगस्त के मूल आदेश को बढ़ाया गया है और कहा गया है कि गार्ड्स के सदस्य कम से कम 28 फरवरी तक शहर में रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि यह अतिरिक्त तैनाती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अगस्त में घोषित इमरजेंसी के जवाब में और कोलंबिया जिले में संघीय संपत्ति और कामों की रक्षा करने के बढ़ाई गई है।
अगस्त में ट्रंप ने एक अपराध-विरोधी मिशन शुरू किया था जिसमें स्थानीय पुलिस विभाग का संघीय अधिग्रहण भी शामिल था। इसके तहत सैकड़ों नेशनल गार्ड्स सैनिकों को वॉशिंगटन में तैनात किया गया। वह आदेश सितंबर में समाप्त हो गया था, लेकिन DC और कम से कम आठ राज्यों के लगभग 2,000 नेशनल गार्ड्स सैनिक शहर में बने हुए हैं, जिनमें से अधिकांश टुकड़ियों का कहना है कि वे नवंबर के अंत तक वापस चले जाएंगे। कुछ सैनिक हथियारबंद हैं और सार्वजनिक स्थानों पर, खासकर शहर के आसपास के संघीय पार्कों और सबवे स्टेशनों के साथ-साथ एमट्रैक ट्रेन स्टेशन पर सैन्य उपस्थिति बनाए हुए हैं।