फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्लोबल वार्मिंग का असर: सबसे ठंडे महाद्वीप अंटार्कटिका में रिकॉर्ड तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस, संयुक्त राष्ट्र ने की पुष्टि

Fri, 02 Jul 2021 02:47 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र

सार

  • संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने अंटार्कटिका महाद्वीप में रिकॉर्ड 18.3 डिग्री सेल्सियस तापमान की पुष्टि की है
विज्ञापन
अंटार्कटिका (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुनिया के सबसे ठंडे महाद्वीप अंटार्कटिक में पिछले साल अब तक का सबसे गर्म तापमान रिकार्ड किया गया है। जिसने दुनिया के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को अंटार्कटिक महाद्वीप में तापमान के नए रिकॉर्ड की पुष्टि की है। संयुक्त राष्ट्र ने अंटार्कटिक में पिछले साल 18.3 डिग्री सेल्सियस (64.9 डिग्री फारेनहाइट) तापमान की पुष्टि की है।

विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने कहा कि 6 फरवरी, 2020 को अंटार्कटिक प्रायद्वीप पर अर्जेंटीना के एस्पेरांजा अनुसंधान केंद्र में रिकॉर्ड 18.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इससे पहले 2015 में सबसे ज्यादा तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

डब्ल्यूएमओ के महासचिव पेटेरी तालास ने कहा, 'इस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड का सत्यापन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें पृथ्वी की अंतिम सीमाओं में से एक में मौसम और जलवायु की एक तस्वीर बनाने में मदद करता है।' उन्होंने कहा कि 'अंटार्कटिक प्रायद्वीप पृथ्वी ग्रह के सबसे तेजी से गर्म होने वाले क्षेत्रों में से एक है। पिछले 50 वर्षों में लगभग तीन डिग्री सेल्सियस की इसमें बढ़ोतरी हुई है।' उन्होंने कहा कि 'हम देख रहे हैं कि यह नया तापमान रिकॉर्ड जलवायु परिवर्तन के अनुरूप है।'
विज्ञापन


डब्ल्यूएमओ ने 20.75 डिग्री सेल्सियस (69.4 डिग्री फारेनहाइट) के उच्च तापमान रीडिंग को खारिज कर दिया, जो 9 फरवरी 2020 को पास के सीमोर द्वीप पर एक ब्राजीलियाई स्वचालित पर्माफ्रॉस्ट मॉनिटरिंग स्टेशन पर रिपोर्ट किया गया था, जो प्रायद्वीप से कुछ दूर दक्षिण अमेरिका की ओर फैला है।

अंटार्कटिक महाद्वीप के लिए पिछला सत्यापित रिकॉर्ड- मुख्य भूमि और उसके आसपास के द्वीप के लिए 24 मार्च, 2015 को एस्पेरांजा अनुसंधान केंद्र में 17.5 डिग्री सेल्सियस (63.5 डिग्री फारेनहाइट) दर्ज किया गया था। व्यापक अंटार्कटिक क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड तापमान- हर जगह 60 डिग्री अक्षांश के दक्षिण में 19.8 डिग्री सेल्सिय (67.6 डिग्री फारेनहाइट) है, जो 30 जनवरी, 1982 को सिग्नी द्वीप पर दर्ज किा गया था।

वैज्ञानिक इसे तेजी से गर्म होती दुनिया की निशानी मान रहे हैं। उनका मानना है कि अंटार्कटिक के गर्म होने की औसत रफ्तार ग्लोबल रिकार्ड से कहीं ज्यादा है। 2012 के एक रिसर्च के मुताबिक, इस इलाके के गर्म होने की ताजा रफ्तार 2000 वर्षों में अभूतपूर्व है और यह दुनिया के लिए खतरा है।

वैज्ञानिकों ने आगाह किया कि इस इलाके के गर्म होने की रफ्तार में मामूली बढ़ोतरी भी बड़ी मात्रा में बर्फ को पिघला सकती है। इससे समुद्र का जलस्तर बढ़ सकता है जिससे तटीय इलाके डूब सकते हैं। यहां 1979 के मुकाबले 2017 के बीच छह गुना रफ्तार से बर्फ पिघली है। माना जाता है कि मालदीव जैसे बहुत से इलाके हैं जो ग्लोबल वार्मिंग की वजह से साल 2100 तक डूब सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें