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UN: संयुक्त राष्ट्र का आरोप- ईरानी नोबेल विजेता को चिकित्सा देखभाल से वंचित रखा, एविन जेल में बंद हैं नर्गेस

Wed, 21 Aug 2024 07:10 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा

सार

मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल पुरस्कार विजेता 52 वर्षीय नर्गेस मोहम्मदी नवंबर 2021 से तेहरान की एविन जेल में बंद हैं। उन्होंने पिछले एक दशक का समय जेल के अंदर और बाहर बिताया है। उनके परिवार ने अगस्त की शुरुआत में आरोप लगाया था कि जेल में झड़पों के दौरान नर्गेस भी अन्य महिला कैदियों के साथ घायल हो गईं।
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ईरानी नोबेल विजेता नर्गेस मोहम्मदी - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को पर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नर्गेस मोहम्मदी को चिकित्सा देखभाल से वंचित करने का आरोप लगाया। यूएन विशेषज्ञों ने कहा, छह अगस्त को एविन में मोहम्मदी को कथित तौर पर शारीरिक हिंसा का शिकार बनाया गया। बेहोशी के दौरान उनकी पसलियों और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने जेल में टकराव की बात तो स्वीकार कर ली, लेकिन मोहम्मदी पर उकसावे का आरोप लगाया। वहीं, जेल में किसी भी कैदी को पीटे जाने से इन्कार कर दिया। 

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मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल पुरस्कार विजेता 52 वर्षीय नर्गेस मोहम्मदी नवंबर 2021 से तेहरान की एविन जेल में बंद हैं। उन्होंने पिछले एक दशक का समय जेल के अंदर और बाहर बिताया है। उनके परिवार ने अगस्त की शुरुआत में आरोप लगाया था कि जेल में झड़पों के दौरान नर्गेस भी अन्य महिला कैदियों के साथ घायल हो गईं। 



संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने एक संयुक्त बयान में कहा, 'नर्गेस मोहम्मदी की शारीरिक और मानसिक अखंडता के बारे में हमारी गहरी चिंताओं से ईरानी सरकार को अवगत करा दिया गया है। एक बार फिर हम ईरानी अधिकारियों से उसे तुरंत रिहा करने और अन्य बंदियों के साथ बिना किसी देरी के पूर्ण चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराने का आह्वान करते हैं।'
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यूएन विशेषज्ञों का कहना है कि चिकित्सा विशेषज्ञों और स्कैन परीक्षाओं के अनुसार, पिछले आठ महीनों से मोहम्मदी तीव्र पीठ और घुटने के दर्द से पीड़ित थीं, जिसमें हर्नियेटेड स्पाइनल डिस्क भी शामिल थी। उन्होंने कहा, 'ऐसा प्रतीत होता है कि चिकित्सा देखभाल से इन्कार जेल के अंदर मोहम्मदी को दंडित करने और चुप कराने के लिए किया गया था। ये रिपोर्ट उसके स्वास्थ्य और शारीरिक कल्याण के अधिकार के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं।'

यूएन विशेषज्ञों के पैनल ने 'मानवाधिकार रक्षकों और ईरानी हिरासत सुविधाओं में अन्य सभी व्यक्तियों की तत्काल रिहाई के लिए अपने आह्वान को दोहराया, जिन्हें वर्तमान में मनमाने ढंग से रखा जा रहा है।' वहीं, मोहम्मदी ने सलाखों के पीछे अभियान जारी रखा है और सितंबर 2022 में महसा अमिनी की हिरासत में मौत के बाद पूरे ईरान में भड़के विरोध प्रदर्शनों का पुरजोर समर्थन किया है। 

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