यूक्रेन में छिड़ी जंग का अंजाम क्या होगा इसे समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है। मजबूत और आक्रामक रूसी सेना के आगे यूक्रेन की सेना और नागरिक शायद ही अधिक दिनों तक टिक सकें, लेकिन यूक्रेन के सैनिकों ने अब तक जो दमखम दिखाया है उसकी उम्मीद रूस सहित दुनिया में किसी को भी नहीं थी। युद्ध के दौरान यूक्रेनी सेना ने करारा जवाब देते हुए कई रूसी सैनिकों को बंदी बना लिया। मीडिया में आ रही खबरें बता रही हैं कि युद्धबंदी बनाए गए रूसी सैनिक अब गिड़गिड़ाते हुए कह रहे हैं कि उन्हें पता ही नहीं था कि उन्हें युद्ध के लिए भेजा जा रहा है।
रूसी सैनिक बोले, हमें पता ही नहीं था कि युद्ध के लिए भेजा जा रहा है
डेलीमेल की खबर के मुताबिक, रूसी कैदियों ने रोते हुए कहा है कि उन्हें पता नहीं था कि उन्हें यूक्रेन पर आक्रमण करने के लिए भेजा जा रहा। कमांडरों ने उन्हें तोप के चारे की तरह इस्तेमाल किया। व्लादिमीर पुतिन की सेना के भारी नुकसान के बाद अधिकारियों ने उन्हें अपनी जमीन की रक्षा करने वाले शांतिपूर्ण लोगों के खिलाफ लड़ाई में झोंक दिया। यह हमारा युद्ध नहीं है। यहां रहने की कोई जरूरत नहीं है। ये शब्द हैं एक घायल सैनिक के जो यूक्रेन के झंडे के सामने बैठे हुए फिल्माया गया था। एक फुटेज में एक रूसी कैदी को रोते हुए दिखाया गया। यह कैदी कह रहा है कि हम लाशों को भी नहीं उठाते हैं, सैनिकों का कोई अंतिम संस्कार नहीं होता है।
यूक्रेन के दावा, रूस ने 5840 सैनिकों को खोया
यूक्रेन का कहना है कि रूस ने संघर्ष के शुरुआती दिनों में 5,840 सैनिकों को खो दिया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से उसका सबसे तेजी से नुकसान हुआ है। पुतिन के लड़ाकों को शर्मनाक हार से दो-चार होना पड़ा है। रूसी सेना ने जल्द से जल्द जीत हासिल करने की कोशिश की, लेकिन इसके बजाय उसे यूक्रेनी सेना के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। कमांडरों के फिर से संगठित होने, रणनीति बदलने और अपने हमले को नए सिरे से अंजाम देने के कारण रूस का आक्रमण धीमा हो गया है। अब उसे कीव के लोगों की ओर से भी भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। यहां जल्द खूनी युद्ध दिखने की आशंका है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूस ने बुधवार को सभी मोर्चों पर लड़ाई को फिर से शुरू किया और नुकसान झेला।
अगर इनकार करते तो मार दिया जाता
वहीं, टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए अलग-अलग वीडियो में रूसी सैनिकों को यह कहते हुए दिखाया गया है कि जब उन्हें पता चला कि उन्हें यूक्रेन में लड़ने के लिए भेजा जा रहा है तो वे निराश हो गए। इनका कहना था, हमें कहा गया कि यह युद्ध का समय है और अगर इनकार किया तो देश का दुश्मन माना जाएगा। अगर हमने इनकार किया होता तो हमें गोली भी मारी जा सकती थी। हमें तोप के चारे की तरह फेंका गया। हम घर जाना चाहते हैं, हम शांति चाहते हैं।
मां, पिताजी, मैं तुमसे प्यार करता हूं...
शुरुआती दौर में यूक्रेन द्वारा घायल और पकड़े गए रूसी सैनिकों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया था। एक सैनिक ने बताया, किसी ने हम पर हमला नहीं किया। रूस युद्ध से क्या चाहता है, मैं समझ नहीं पा रहा हूं। मां, पिताजी, मैं तुमसे प्यार करता हूं। एक सैनिक ने कीव और मास्को से कहा कि बच्चों को युद्धक्षेत्र से निकाला जाना चाहिए। जबकि दूसरे ने कहा कि कोई भी युद्ध नहीं चाहता। इस बीच हथकड़ी वाला सैनिक फूट-फूट कर रोते हुए और अपनी आंखों को पोंछते हुए फिल्माया गया। एक महिला रिश्तेदार ने उसे फोन पर आई लव यू कहा तो वह टूट गया।
बंदी बनाए गए युवा सैनिक युद्ध के मैदान में मरने वालों के लिए आंसू बहाते भी दिखाई दिए क्योंकि उनका अंतिम संस्कार नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, हम लाशों को नहीं छूते क्योंकि एफएसबी (रूसी संघीय सुरक्षा सेवा) गिरफ्तार कर लेगी। एक सैनिक जो लड़ाई के दौरान घायल हुआ था, उसने दावा किया कि रूसी सैनिकों को नहीं पता था कि वे यूक्रेन पर आक्रमण करने जा रहे हैं।