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Russia-Ukraine War: यूक्रेन के डोनेत्स्क और लुहांस्क बनेंगे रूस का हिस्सा, पुतिन सरकार कराएगी वोटिंग

Tue, 20 Sep 2022 10:30 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मास्को

सार

पूर्वी यूक्रेन में रूस की सीमा से लगे डोनेत्स्क की गिनती एक समय यूक्रेन के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर होती थी। यह डोनबास राज्य का मुख्य शहर है, जहां कई अहम खनिजों का भंडार है। यह शहर यूक्रेन के बड़े स्टील उत्पादक केंद्रों में से है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूक्रेन के दो शहरों- डोनेत्स्क और लुहांस्क को रूस का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार से वोटिंग होगी। गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के इन दो शहरों को स्वतंत्र क्षेत्रों के तौर पर पहचान देने की बात कहते हुए यूक्रेन के खिलाफ जंग की शुरुआत की थी।

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डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और आंशिक रूप से रूस के कब्जे में मौजूद ज़ापोरिज्ज्यिया क्षेत्र ने शुक्रवार से जनमत संग्रह कराने की घोषणा की। यह घोषणा उनके करीबी सहयोगी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा इसकी जरूरत बताए जाने के बाद की गई है। वहीं, युद्ध शुरू होने के सात महीने के बाद अब रूस कुछ कमजोर नजर आ रहा है।

क्या है डोनेत्स्क और लुहांस्क की स्थिति?
पूर्वी यूक्रेन में रूस की सीमा से लगे डोनेत्स्क की गिनती एक समय यूक्रेन के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर होती थी। यह डोनबास राज्य का मुख्य शहर है, जहां कई अहम खनिजों का भंडार है। यह शहर यूक्रेन के बड़े स्टील उत्पादक केंद्रों में से है। यहां की जनसंख्या करीब 20 लाख है। वहीं, लुहांस्क जिसे पहले वोरोशिलोवग्राद के नाम से जाना जाता था, यूक्रेन के लिए कोयले का अहम भंडार है। यह शहर भी डोनबास क्षेत्र का हिस्सा है और रूस के साथ सीमा साझा करता है। इस शहर का उत्तरी हिस्सा ब्लैक सी से लगता है। 
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इस क्षेत्र को लेकर रूस और यूक्रेन में तनाव क्यों?
डोनेत्स्क और लुहांस्क, जिस डोनबास प्रांत का हिस्सा हैं, वह रूस और यूक्रेन के बीच तनाव की मुख्य जड़ रहा है। दरअसल, सोवियत संघ के विघटन के बाद डोनबास क्षेत्र यूक्रेन का हिस्सा बना। उधर, रूस का कहना है कि डोनबास की अधिकतर जनता रूसी भाषा बोलती है और इसलिए उसे यूक्रेन के राष्ट्रवाद से बचाया जाना जरूरी है। 
 

रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवदेव ने भी कहा कि पूर्वी यूक्रेन क्षेत्रों का रूस में विलय और उनकी सीमा को पुन: परिभाषित करना अटल है और इससे रूस उनकी रक्षा करने के लिए कोई भी कदम उठाने में सक्षम होगा। वहीं, आंशिक रूप से रूस के कब्जे वाले ज़ापोरिज्ज्यिया के रूस समर्थक कार्यकर्ता व्लादिमीर रोगोव ने कहा कि जितनी जल्दी हम रूस का हिस्सा बनेंगे, उतनी जल्दी शांति आएगी।

वहीं, यूक्रेन के विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा ने जनमत संग्रह को शर्मनाक करार देते हुए ट्वीट किया कि यूक्रेन को अपने क्षेत्रों को मुक्त कराने का पूरा अधिकार है और भले रूस कुछ भी कहे हम उन्हें मुक्त कराना जारी रखेंगे।
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