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बड़ी समस्या: भारत की जीडीपी पर पड़ रहा यूक्रेन युद्ध का असर, विश्व बैंक ने जताया 1.3 फीसदी की गिरावट का अनुमान

Wed, 13 Apr 2022 08:34 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री हांस टिमर ने युद्ध के चलते भारत की जीडीपी में गिरावट की आशंका जताने के साथ यह भी कहा कि हाल की तिमाहियों में भारत ने सेवाओं के उत्पादन में काफी सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस समय सेवाओं की काफी मांग है और भारत इस मांग को पूरा कर सकता है।
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दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री हांस टिमर - फोटो : twitter/wb_research
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विश्व बैंक के एक अधिकारी ने कहा है कि युद्ध के चलते भारत की जीडीपी वृद्धि दर में 1.4 फीसदी और आय वृद्धि में 2.3 फीसदी की गिरावट आ सकती है। अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के संकट से भारत तेजी से उबर रहा है लेकिन फिर भी यह युद्ध देश की जीडीपी को उल्लेखनीय नुकसान पहुंचा सकता है।

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समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री हांस टिमर ने इस बात पर भी जोर दिया कि लंबे समय में भारत को सच में बहुत मेहनत से काम करने की और जीवाश्म ईंधन से निर्भरता घटाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत को नवीनीकृत ऊर्जा को अपनाने पर काम करना चाहिए। इसके अलावा कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की भी जरूरत है जो इस समय 20 फीसदी से भी कम है।

टिमर ने कहा, 'हमारा आंकलन कहता है कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध से भारत के लिए आय वृद्धि में 2.3 फीसदी और जीडीपी वृद्धि में 1.3 फीसदी की कमी देखने को मिल सकती है।' अपनी ताजा 'दक्षिण एशिया आर्थिक फोकस रिपोर्ट' में विश्व बैंक ने कहा था कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की अनुमानित वृद्धि दर 8.3 फीसदी है। वहीं, 2022-23 के लिए विश्व बैंक ने इस दर के 7.1 फीसदी और 2023-24 के लिए 7.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
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24 फरवरी को हुई थी रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की शुरुआत
रूस ने यूक्रेन के खिलाफ हमले की शुरुआत 24 फरवरी को की थी। कई पश्चिमी देशों ने इसे लेकर रूस के खिलाफ सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि, भारत इस मामले में अब तक पूरी तरह तटस्थ रहा है। भारत की ओर से यूक्रेन को मानवीय मदद जरूर भेजी गई है लेकिन देश की सरकार ने किसी का पक्ष नहीं लिया है। इस लड़ाई में यूक्रेन के कई शहर तबाह हो चुके हैं और हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, लाखों की संख्या में लोग पलायन भी कर रहे हैं।

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