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यूक्रेन ने रूस पर किया बड़ा ड्रोन हमला: तुआप्से बंदरगाह को जलाकर किया खाक, तेल टैंकर को भी बनाया निशाना

Sun, 02 Nov 2025 07:35 AM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव/मॉस्को

सार

यूक्रेन ने रूस पर भयंकर ड्रोन हमला किया है, जिससे क्रास्नोडार के दक्षिणी क्षेत्र में ब्लैक-सी में बनी तुआप्से बंदरगाह पर भीषण आग लग गई है। इस हमले में एक तेल का टैंकर भी क्षतिग्रस्त हो गया। 
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ड्रोन हमला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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यूक्रेन ने रविवार रात को रूस पर बड़ा ड्रोन हमला किया है। यूक्रेन ने रूस के काला सागर में स्थित तुआप्से बंदरगाह और तेल टैंकर को निशाना बनाया है। रात भर चले यूक्रेनी ड्रोन हमलों में बंदरगाह जल गया है। यूक्रेन का यह हमला हाल में किए गए बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। 

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क्रास्नोडार के दक्षिणी क्षेत्र के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि तुआप्से बंदरगाह में यूएवी (मानव रहित हवाई वाहन) के टुकड़े एक तेल टैंकर पर गिरे, जिससे डेक का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जहाज में आग लग गई। हालांकि चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तुआप्से बंदरगाह में तुआप्से काला सागर तेल टर्मिनल और रॉसनेफ्ट के नियंत्रण वाला तुआप्से तेल रिफाइनरी स्थित हैं। जिसे इस साल कई बार यूक्रेनी ड्रोन ने निशाना बनाया है।

कीव ने हाल ही में किए हैं कई हमले
हाल के महीनों में कीव ने अपने हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है, ताकि रूस की ईंधन आपूर्ति और सैन्य रसद तंत्र को बाधित किया जा सके और उसकी युद्ध लागत को बढ़ाया जा सके। रूसी रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और पाइपलाइनों पर लगातार हो रहे ये हमले कीव के अनुसार, यूक्रेनी पावर ग्रिड पर रूस के हमलों का जवाब हैं। इस बीच, क्रास्नोडार प्रशासन ने बताया कि बंदरगाह की इमारतों और अन्य आवश्यक ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे वहां के लोगों के लिए हालात और कठिन हो गए हैं।
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इससे पहले तेल पाइप लाइन को बनाया था निशाना
इससे पहले शनिवार को यूक्रेन ने मॉस्को क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण ईंधन पाइपलाइन को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है। यह पाइपलाइन रूसी सेना को ईंधन की आपूर्ति करती थी। यूक्रेन के सैन्य खुफिया विभाग (एचयूआर) के अनुसार, उनकी सेनाओं ने ‘कोल्टसेवॉय पाइपलाइन’ को निशाना बनाया। यह 400 किलोमीटर (करीब 250 मील) लंबी पाइपलाइन रियाजान, निजनी नोवगोरोड और मॉस्को की रिफाइनरियों से रूसी सेना को गैसोलीन, डीजल और जेट ईंधन की आपूर्ति करती थी।  एचयूआर ने बताया कि यह पाइपलाइन प्रतिवर्ष लगभग 30 लाख टन जेट ईंधन, 28 लाख टन डीजल और 16 लाख टन गैसोलीन की आपूर्ति करने में सक्षम थी।
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