करीब चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध में हालात और बिगड़ गए हैं। रूसी हमलों से कीव की 4,000 इमारतों में हीटिंग बंद है और 60 फीसदी इलाकों में बिजली नहीं है। माइनस 20 डिग्री की ठंड में लोग परेशान हैं। ऐसे में सवाल आज भी वही है कि कब रंग लाएंगी शांति की कोशिशें?
रूस और यूक्रेन के बीच लगभग चार साल से जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह रूप लेता हुआ नजर आ रहा है। अमेरिका समेत कई देशों की तरफ से शांति स्थापना के लिए की जा रही कोशिशें भी नाकाम होती दिख रही है। कारण है कि इस संघर्ष के चलते यूक्रेन की राजधानी कीव में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। रूसी हमलों के बाद बुधवार को करीब 4,000 इमारतों में हीटिंग बंद रही, जबकि शहर के लगभग 60 फीसदी हिस्से में बिजली नहीं थी।
जनरेटर खरीदने की तैयारी कर रही जेलेंस्की सरकार
यूक्रेन सरकार ने जनरेटर खरीदने के लिए करीब 2.56 अरब ह्रिवनिया (लगभग 60 मिलियन डॉलर) जारी किए हैं, ताकि बिजली संकट से निपटा जा सके। इस बीच नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने सदस्य देशों से यूक्रेन को और ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब समय है कि देश अपने भंडार से यूक्रेन की मदद करें, ताकि रूसी हवाई हमलों से बचाव हो सके।
ये भी पढ़ें:- Trump in Davos: दावोस में ट्रंप फिर बोले- उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाया, एक साल में रोके आठ युद्ध
रातभर रूस का यूक्रेन पर हमला
गौरतलब है कि रूस ने रातभर यूक्रेन पर 97 ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इन हमलों में यूक्रेन के निप्रोपेत्रोवस्क इलाके में एक बुजुर्ग पुरुष और महिला की मौत हो गई। वहीं रूस का दावा है कि उसने यूक्रेन के 75 ड्रोन मार गिराए। रूसी ड्रोन हमलों के चलते क्रास्नोदार, सोची, गेलेंदझिक और सारातोव के हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोक दी गईं।