यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग को फोन किया। दोनों के बीच यूक्रेन संकट और इस दौरान उपजे अन्य मसलों पर बात हुई। दरअसल, अमेरिका की कोशिश है कि रूस को सैन्य एवं आर्थिक सहायता मुहैया कराने से चीन को रोका जाए। इससे पहले बाइडन और शी के बीच पिछले साल नवंबर में एक डिजिटल शिखर बैठक हुई थी। दोनों के बीच बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद यह चौथी बातचीत है।
‘ईस्टर्न डेलाइट टाइम’ के मुताबिक, दोनों नेताओं ने दोपहर नौ बज कर तीन मिनट पर अपनी बात शुरू की। इससे पहले व्हाइट हाउस प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा था कि बाइडन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चीन के समर्थन और यूक्रेन में रूस के बर्बर हमले की भर्त्सना नहीं करने के बारे में शी से सवाल करेंगे। उन्होंने कहा कि यह जानने का समय है कि राष्ट्रपति शी कहां खड़े हैं।
इस बीच चीन ने शुक्रवार को एक बार फिर वार्ता करने और मानवीय सहायता के लिए अनुदान को लेकर अपनी अपील दोहराई। चीन ने अमेरिका पर रूस को उकसाने का और यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर संघर्ष को बढ़ाने का आरोप लगाया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि चीन ने हर समय जनहानि टालने की हर कोशिश करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह जवाब देना आसान है कि यूक्रेन में आम लोगों को किस चीज की ज्यादा जरूरत है भोजन की या मशीन गन की?
इस बीच, ताईवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ताईवान पर बलपूर्वक अपना दावा करने की चीन की धमकी को याद दिलाते हुए चीनी विमान वाहक पोत शांदोंग शुक्रवार को ताईवान जलडमरूमध्य से होकर गुजरा। यह घटनाक्रम बाइडन-शी की वार्ता से कुछ ही घंटे पहले हुआ।
चीन ने दी सफाई
- इस बीच चीन ने रूसी सीमा पर उसके सैनिकों की तस्वीर को फर्जी करार दिया है। चीन ने रूस में सेना भेजने की अफवाहों को फर्जी करार देते हुए खारिज कर दिया। दरअसल, रूस के साथ सीमा पर पूरी तरह से भरे चीनी सैन्य ट्रक काफिले को दिखाते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
- मीडिया रिपोर्ट में भी इस बात का दावा किया गया था। इस पर चीन के इंटरनेट वॉचडॉग ने कहा कि ट्विटर पर प्रसारित एक तस्वीर 2021 में पहली बार प्रकाशित हुई तस्वीर का क्रॉप्ड वर्जन है। चीन ने पहले इन खबरों का खंडन किया था कि रूस ने यूक्रेन के सैन्य हमले में उससे सैन्य सहायता मांगी थी।
- हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने शुक्रवार को बताया कि साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चाइना (सीएसी) ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन में युद्ध पर चीन की स्थिति को बदनाम करने के उद्देश्य से कई फर्जी खबरें प्रसारित की गईं। इसमें रात के समय चीनी सैन्य वाहनों की एक लंबी लाइन की एक तस्वीर ट्विटर पर प्रसारित हुई, जिससे अटकलें लगाई जाने लगीं कि चीन रूस को सहायता प्रदान कर रहा है। हालांकि, यह वास्तव में मई 2021 की एक पुरानी फोटो है, जिसे एडिट कर वायरल किया जा रहा है।