विध्वंस के बीच सहायता प्रयास
अवर महासचिव ने चिंता जताई कि यूक्रेन युद्ध से पर्यावरण को गहरा नुकसान पहुंचा है। कखोवा बांध के ध्वस्त होने से आई से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्रों व यूक्रेन में कृषि को क्षति हुई है। यूक्रेन अब उन देशों की सूची में हैं, जहां बड़े पैमाने पर बारूरी सुरंग का इस्तेमाल किया गया है। एक अनुमान के अनुसार, देश के एक चौथाई हिस्से में बारूदी सुरंग बिछी होने की आशंका है, जोकि स्विट्जरलैंड के आकार का चार गुना क्षेत्र है।
देश में लाखों आम नागरिक जीवनरक्षक सहायता पर निर्भर हैं। 40 लाख से अधिक लोग यूक्रेन की सीमाओं के भीतर ही विस्थापन का शिकार हुए हैं, जबकि 68 लाख लोगों ने अन्य देशों में शरण ली है। यूएन की वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूक्रेन में पुनर्निर्माण व पुनर्बहाली प्रयासों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां पूर्ण रूप से मुस्तैद हैं, और देश के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को सहनसक्षम बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल सर्दी के मौसम में युद्धग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने की कोशिशें हो रही हैं, जिसके लिए पर्याप्त संसाधन की आवश्यकता है।
टकराव बढ़ने का जोखिम
रोजमैरी डीकार्लो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की गम्भीर चिंताओं के बावजूद, परमाणु हादसे का जोखिम वास्तविक है। यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा प्लांट व अन्य संवेदनशील स्थानों पर सैन्य गतिविधि होने की खबरें हैं। ऐसी किसी भी घटना के नतीजे विनाशकारी होंगे और इस आशंका से हम सभी को भयभीत होना चाहिए। सभी पक्षों के लिए यह अनिवार्य है कि परमाणु सुरक्षा व सलामती के लिए जिम्मेदारी के साथ कदम उठाए जाएं।
अवर महासचिव ने कहा कि हाल ही में कोरिया लोकतांत्रिक जनगणराज्य (डीपीआरके) के हजारों सैनिकों को हिंसक टकराव से प्रभावित इलाकों में तैनात किए जाने और उनके लड़ाई में शामिल होने की खबरें हैं। यह आग को और भड़काने का काम करेगा, जिससे यह विस्फोटक और भड़केगा व इसका अंतरराष्ट्रीयकरण होगा। शांतिनिर्माण मामलों की शीर्ष अधिकारी ने सचेत किया कि योरोप में इस हिंसक टकराव के विश्वव्यापी नतीजे हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता कमजोर और भूराजनैतिक दरारें गहरी हो रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि खतरनाक मार्ग से पीछे हटते हुए एकजुट कूटनीतिक प्रयासों व राजनैतिक इच्छाशक्ति के साथ इसका अंत किया जाना होगा।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)