यूक्रेन संकट पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। अमेरिका ने यूक्रेन को और हथियार देने का एलान कर दिया है। इस बात से रूस खासा नाराज है। वह यूक्रेन की धरती पर हमले तेज कर रहा है। इधर, यूक्रेन लगातार अमेरिका और पश्चिमी देशों से हवाई सुरक्षा और हवाई हमले की क्षमता बढ़ाने की मांग कर रहा है, ताकि वह रूसी ठिकानों पर हमले कर सके।
हालांकि, इस सबके बीच अब अमेरिका को डर है कि यूक्रेन ने रूस के अंदरूनी इलाकों में हमले किए तो रूस बौखलाहट बढ़ सकती है। रूस इसके नतीजतन यूरोप के और देशों पर भी हमले कर सकता है। इसके बाद विश्व युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं।
दोनबास और लुहांस्क में मिलेगा सहारा
यूक्रेनी बल फिलहाल दोनबास इलाके में रूसी सेना के जबरदस्त हमले का सामना कर रहे हैं। इस इलाके में लुहांस्क के सबसे बड़े शहर सिविरोदोनेस्क के आधे से ज्यादा हिस्से पर रूसी सेना कब्जा कर चुकी है। मोटे तौर पर लुहांस्क के आखिरी इलाके में यूक्रेनी बल प्रतिरोध कर रहे हैं, लेकिन हथियारों की कमी की वजह से यूक्रेन का कब्जा लगातार सिमट रहा है। यूक्रेन को हथियार आने का इंतजार है।
जर्मनी की खेप भी जल्द
जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज ने बुधवार को एलान किया कि वह यूक्रेन को जर्मनी मदद के तौर पर एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलें देंगे। शोल्ज ने संसद में कहा कि नाटो देशों के साथ बनाई गई आईरिस-टी मिसाइलों से यूक्रेन रूस के हवाई हमलों को नाकाम कर पाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि जर्मनी यूक्रेन को रडार सिस्टम भी देगा। इससे रूसी हमले नाकाम करने में मदद मिलेगी।
सबसे उन्नत रॉकेट हॉवित्जर तोपें देगा अमेरिका
रूस के खिलाफ यूक्रेन के प्रतिरोध को मजबूती देने के लिए अमेरिका और जर्मनी ने यूक्रेन को बड़े हथियारों की आपूर्ति का वादा किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को मध्यम दूरी तक हमला करने के लिए उन्नत राकेट सिस्टम और हॉवित्जर तोपें प्रदान करेगा। उधर, जर्मनी ने एंटी एयरक्रॉफ्ट मिसाइलें देने की घोषणा की।
न्यूयार्क टाइम्स के ऑनलाइन संस्करण में प्रकाशित लेख में बाइडन ने कहा, हथियारों की नई खेप से युद्ध के मैदान में यूक्रेनी बल रूसी सेना के अहम लक्ष्यों पर सटीक हमले करने में सक्षम होंगे। अमेरिका हॉवित्जर तोपों की आपूर्ति भी करेगा। इस पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, अमेरिका हालात को बिगाड़ना चाहता है। रूस के उपविदेशमंत्री सर्गेई रायबकोव ने कहा कि यूक्रेन को अमेरिका की सैन्य मदद सीधे तौर पर रूस के आंतरिक मामले में दखल देने जैसा है। इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
यूक्रेन का वादा, रूसी जमीन पर हमला नहीं
यूक्रेन ने अमेरिका को आश्वस्त किया है कि वह रूस के अंदर हमला नहीं करेगा। वह अमेरिका से 11वें पैकेज के तहत मिलने वाले हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के अंदर ही रूसी ठिकानों के खिलाफ करेगा।