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जिनेवा में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन: PoJK में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप, UKPNP ने UNHRC से लगाई गुहार

Sat, 27 Jun 2026 01:59 AM IST
Pavan एएनआई, जिनेवा

सार

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी ने जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन ने रावलाकोट में सैन्य कार्रवाई, भोजन-दवा की कमी और आम लोगों पर दमन के आरोप लगाते हुए यूएन से हस्तक्षेप, स्वतंत्र जांच और पाकिस्तान से सुरक्षा बल हटाने की मांग की।
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यूकेपीएनपी का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने शुक्रवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मुख्यालय के बाहर स्थित 'ब्रोकन चेयर' स्मारक पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 62वें सत्र के दौरान आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बल पीओजेके में लोगों पर दमन कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से 7 जून को रावलाकोट में हुई गोलीबारी का जिक्र किया, जिसमें कई लोगों की मौत और कई अन्य घायल हुए थे।
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संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग
यूकेपीएनपी के नेताओं जमील मकसूद और अमजद यूसुफ ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर दबाव बनाया जाए ताकि वह अपनी सुरक्षा बलों को क्षेत्र से हटाए और रावलाकोट में जारी घेराबंदी खत्म करे।
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स्वतंत्र जांच की मांग
प्रदर्शन के आयोजकों ने नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग और शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के आरोपों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग भी की। यूकेपीएनपी की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष जमील मकसूद ने कहा कि पार्टी पीओजेके के लोगों पर कथित दमन और आतंक के खिलाफ आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र को पाकिस्तान से सुरक्षा बल हटाने और रावलाकोट की घेराबंदी समाप्त करने के लिए कहना चाहिए।



'दो लाख लोग धरने पर'
यूकेपीएनपी के सदस्य अमजद यूसुफ ने दावा किया कि रावलाकोट में करीब दो लाख लोग अपने बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वाली गैर-राजनीतिक संस्था जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) को गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया है और उसके सदस्यों पर इनाम घोषित कर दिया है।

खाद्य और दवाओं की कमी का आरोप
अमजद यूसुफ ने कहा कि इलाके में हालात बेहद गंभीर हैं। उनके मुताबिक, पिछले 12 दिनों से सामान्य जनजीवन प्रभावित है। भोजन और दवाओं की कमी है, स्कूल और अस्पताल बंद हैं तथा इंटरनेट सेवाएं भी काफी हद तक बाधित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घायल लोगों का इलाज कराने के बजाय उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और स्थानीय नेतृत्व उत्पीड़न के डर से क्षेत्र छोड़ने को मजबूर हो गया है।
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पाकिस्तान के दावों पर सवाल
यूकेपीएनपी और जेएएसी के प्रतिनिधियों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार भले ही हालात सामान्य होने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग है। उनका कहना है कि जिनेवा में किया गया यह प्रदर्शन पीओजेके में मानवाधिकारों और न्याय के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की उनकी मुहिम का हिस्सा है।
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