अनिवार्य अंग्रेजी परीक्षा से संबंधित वीजा विवाद में फंसे भारतीय छात्रों समेत सैकड़ों विदेशी छात्रों ने बृहस्पतिवार को ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद से मामला सुलझाने की गुहार लगाई। छात्रों ने दावा किया कि उन पर टेस्ट ऑफ इंग्लिश फॉर इंटरनेशनल कम्युनिकेशन (टीओईआईसी) परीक्षा में नकल करने का झूठा आरोप लगाया गया हैं।
लंदन में यूके के गृह मंत्री साजिद जाविद को सौंपे एक पत्र में छात्रों ने कहा कि उन पर नकल करने का अनुचित आरोप लगाया गया है। उन्होंने खुद को बेगुनाह साबित करने का एक अवसर देने की मांग की है। पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश मंत्री साजिद को सौंपे गए पत्र में छात्रों ने कहा है कि ‘हम उन हजारों विदेशी छात्रों में है, जिन पर अंग्रेजी परीक्षा में नकल करने का आरोप लगाते हुए गृह विभाग ने अनुचित तरीके से हमें वीजा और हमारे अधिकारों से वंचित रखा है।
हम बेगुनाह हैं लेकिन सरकार ने हमें बेगुनाह साबित करने का मौका तक नहीं दिया, इसलिए पिछले पांच वर्षों से हम अपना नाम इससे हटाने के लिए लड़ रहे हैं।’ ब्रिटेन के गृह कार्यालय ने कहा कि जाविद इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं, लेकिन विवाद के समाधान के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की है।