सात बच्चों की हत्या और छह अन्य की हत्या के प्रयास के मामले में लूसी लेटबी आजीवन कारावास की सजा काट रही है। उसे इसी साल अगस्त में दोषी ठहराया गया था और सलाखों के पीछे भेज दिया गया था। द सन अखबार ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि उसकी स्थिति को देखते हुए उसके साथ नरम व्यवहार किया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोषी नर्स को काउंटी डरहम में लो न्यूटन जेल से एशफोर्ड में निजी एचएमपी ब्रोंजफील्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अपराध के बावजूद उसके साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, उससे उसके साथी कैदियों को भी गुस्सा आ रहा है।अखबार ने एक सूत्र के हवाले से कहा, लेटबी खुश है। वह एक अच्छी कोठरी में है। उसमें सुविधाएं अन्य जेलों की तुलना में बहुत बेहतर हैं, क्योंकि उसे निजी तौर पर चलाया जाता है।
सूत्र ने आगे कहा, वह उन कैदियों के साथ रह रही है, जिन्हें टीवी देखने, अपने पैसे खर्च करने और यात्रा करने की अनुमति मिली हुई है। वह खुश दिख रही है। इस बीच, ब्रोंजफील्ड के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हम व्यक्तिगत मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते।' लेटबी ब्रिटेन में चौथी महिला है जिसे आजीवन कारावास की सजा मिली है। इसका मतलब है कि उसकी मौत अब जेल में ही होगी।
पश्चिमी इंग्लैंड के हियरफोर्ड के रहने वाली लेटबी ने चेस्टर विश्वविद्यालय में नर्सिंग की पढ़ाई की है। उसने 2011 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और अगले वर्ष चेस्टर अस्पताल के नवजात शिशु इकाई में शामिल हो गई। इसके बाद 2015 में वह शिशुओं की गहन देखभाल पर काम करने के लिए योग्य हो गई, जिससे उसे इकाई में सबसे बीमार शिशुओं के साथ काम करने की अनुमति मिल गई।