अमेरिका के साथ इस नए व्यापार समझौते से ब्रिटेन के प्रमुख उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी, उत्पादन लागत घटेगी और रोजगार की सुरक्षा होगी। यह समझौता प्रधानमंत्री स्टार्मर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कूटनीतिक पकड़ और 'प्लान फॉर चेंज' की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने सोमवार को एलान किया कि ब्रिटिश कार और एयरोस्पेस (विमानन) उद्योगों को अमेरिका को निर्यात करते समय अब भारी टैरिफ (शुल्क) नहीं देना होगा। यह राहत एक नए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के तहत दी गई है, जो आज से प्रभाव में आ गया है। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा, 'अमेरिका के साथ हमारा ऐतिहासिक व्यापार समझौता ब्रिटिश कारोबारों को मजबूती देता है और हमारे देश की नौकरियों की रक्षा करता है।' उन्होंने कहा कि यह समझौता ब्रिटेन की आर्थिक योजना 'प्लान फॉर चेंज' का एक बड़ा उदाहरण है।
ब्रिटेन-अमेरिका समझौते में क्या है?
ब्रिटेन और अमेरिका के बीच हुए इस समझौते के तहत कारों के निर्यात पर लगने वाला टैक्स 27.5% से घटाकर 10% कर दिया गया है। वहीं विमान के इंजन और अन्य पार्ट्स पर लगने वाला 10% टैक्स पूरी तरह हटा दिया गया है। यह समझौता पिछले महीने घोषित किया गया था और हाल ही में कनाडा में हुए जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री स्टार्मर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस पर चर्चा हुई थी।
विज्ञापन
ब्रिटेन को क्या फायदा?
ब्रिटेन सरकार का दावा है कि अमेरिका के साथ ऐसा समझौता करने वाला वह दुनिया का अकेला देश है। इस कदम से ब्रिटेन के कार और विमानन उद्योगों को हर साल सैकड़ों मिलियन पाउंड की बचत होगी। यह समझौता हजारों नौकरियों को बचाने में मदद करेगा, जो इन उद्योगों पर निर्भर हैं। ब्रिटेन स्टील और एल्युमिनियम पर अमेरिका की तरफ से लगाए गए वैश्विक 50% टैरिफ से भी छूट पाने वाला इकलौता देश है।
ब्रिटेन-अमेरिका समझौते पर प्रतिक्रियाएं
ब्रिटेन के उद्योगों ने इस समझौते का स्वागत किया है। एडीएस समूह (एयरोस्पेस उद्योग का प्रतिनिधि संगठन) ने कहा कि यह छूट उद्योग को नवाचार और गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी। माइक हॉवेस, जो ब्रिटेन की मोटर मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडर्स सोसाइटी (एसएमएमटी) के प्रमुख हैं, ने कहा, 'यह समझौता अमेरिका को निर्यात के रास्ते में आई बड़ी रुकावटों को हटाता है। इससे कुछ प्रसिद्ध ब्रिटिश कंपनियों के अस्तित्व को लेकर जो संकट था, वो भी टल गया है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता भारतीय स्वामित्व वाली टाटा मोटर्स की जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) जैसी कंपनियों के लिए भी बड़ी राहत है।
भारत-ब्रिटेन समझौते से जुड़ाव
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत और ब्रिटेन के बीच भी एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 6 मई को घोषित किया गया है। इसे अगले महीने कानूनी प्रक्रिया के बाद औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया जाएगा। इससे आने वाले 10 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार में 25.5 अरब पाउंड की बढ़ोतरी का अनुमान है।