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ब्रिटेन: सांसदों ने पीएम जॉनसन के कथित झूठ मामले की जांच को मंजूरी दी, संसद को गुमराह करने के लगे हैं आरोप

Thu, 21 Apr 2022 10:53 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

जॉनसन पर पिछले हफ्ते जून 2020 में अपने कार्यालय में अपने जन्मदिन की पार्टी में भाग लेने के लिए पुलिस द्वारा 50 पाउंड (66 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया गया था। जॉनसन पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने पद पर रहते हुए कानून तोड़ा है।
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन - फोटो : PTI
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विस्तार
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बताया जा रहा है कि महामारी के दौरान गैर कानूनी जमावड़े में शामिल होकर कोरोना वायरस के चलते लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोपों की संसदीय जांच को देश के सांसदों ने मंजूरी दे दी है। हाउस ऑफ कॉमन्स में इसके लिए मतदान नहीं हुआ, लेकिन सभी ने सर्वसम्मति से इस पर सहमति जताई। इस मंजूरी के बाद आरोपों की जांच संसद की ‘कमेटी आफ प्रिवलेजेस’ करेगी और यह पता लगाएगी कि जॉनसन ने जानबूझ कर संसद को गुमराह किया था या नहीं।

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यह कदम कंजरवेटिव पार्टी के प्रधानमंत्री पर अधिक दबाव डालेगा, जिनकी सत्ता पर पकड़ इस दावे के चलते कमजोर हुई है कि उन्होंने अपने देश पर कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए नियमों की खुद ही धज्जियां उड़ाईं और फिर इसे स्वीकार भी नहीं किया। विपक्षी लेबर पार्टी ने ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में मतदान का आह्वान किया था।

जॉनसन पर पिछले हफ्ते जून 2020 में अपने कार्यालय में अपने जन्मदिन की पार्टी में भाग लेने के लिए पुलिस द्वारा 50 पाउंड (66 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया गया था। जॉनसन पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने पद पर रहते हुए कानून तोड़ा है। हालांकि, उन्होंने माफी मांगी है, लेकिन इस बात से इनकार किया कि उन्होंने जानबूझकर नियमों को तोड़ा है।
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मामला टालना चाहते थे जॉनसन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सांसदों से अपील की थी कि इस बात पर शक्ति परीक्षण टाल दिया जाए कि कोविड-19 नियमों के उल्लंघन मामले में संसद को गुमराह करने के आरोपों पर उनके खिलाफ जांच कराई जाए या नहीं। लॉकडाउन उल्लंघन के लिए पुलिस के जुर्माना लगाने के बाद मंगलवार को जॉनसन ने संसद से माफी मांगते हुए कहा था कि उन्हें नहीं पता था, महामारी के दौरान जन्मदिन पर लोगों को बुलाना प्रतिबंधों का उल्लंघन है।

जॉनसन के सभी निर्देशों के पालन की बात कहने पर पिछले साल विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया था कि वह संसद से बार-बार झूठ बोलते रहे हैं। मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी इस बात पर मत-विभाजन कराने पर अड़ी है कि पीएम के खिलाफ संसद की अवमानना के आरोप की जांच विशेषाधिकार समिति से कराई जाए या नहीं।

जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी में विद्रोह टालने के लिए सरकार ने एक संशोधन का प्रस्ताव दिया है, जिससे पुलिस जांच पूरी होने तक इस मामले पर फैसला टल जाएगा। भारत दौरे पर पत्रकारों से वार्ता में जॉनसन ने कहा कि मैं किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि पुलिस जांच पूरी होने से पहले यह होना चाहिए। वोट देने से पहले सांसदों के पास पूरे तथ्य होने चाहिए।

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