गाजा में जारी संघर्ष के बीच बीच ब्रिटेन, कनाडा समेत 5 देशों ने इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री और वित्त मंत्री पर प्रतिबंध लगाए। इन दोनों मंत्रियों पर आरोप है कि इन्होंने वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों के खिलाफ हिंसा को उकसाया। मामले में अब इन पर यात्रा और संपत्ति जब्ती जैसे कदम उठाए गए हैं।
इस्राइल और हमास के बीच चल रहे भीषण संघर्ष के बीच ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और नॉर्वे ने मंगलवार को इस्राइल सरकार के दो कट्टरपंथी मंत्रियों पर प्रतिबंध लगा दिए। इन दोनों मंत्रियों पर आरोप है कि इन्होंने वेस्ट बैंक में फलस्तीनी लोगों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा दिया और मानवाधिकारों का उल्लंघन किया। इन दोनों इस्राइली मंत्रियों में राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर और वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोतरीत का नाम शामिल है।
नेतन्याहू सरकार के अहम हिस्से है ये दोनों मंत्री
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इस्राइल की प्रतिक्रिया
वहीं मामले में अब इस्राइल की प्रतिक्रिया की करें तो इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने इन प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे हैरान करने वाला बताया। साथ ही कहा कि इस पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू से चर्चा होगी। इस्राइल के वित्त मंत्री स्मोतरीच ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें प्रतिबंध की जानकारी उस वक्त मिली जब वह वेस्ट बैंक में एक नई बस्ती का उद्घाटन कर रहे थे।
अब समझिए पूरा मामला
गौरतलब है कि 1967 की मिडल ईस्ट वॉर के बाद इस्राइल ने वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पर कब्जा कर लिया था। जबकि फलस्तीनी इन तीनों को अपना भविष्य का देश बनाना चाहते हैं। वर्तमान में वेस्ट बैंक में 100 से ज्यादा इस्राइली बस्तियां हैं, जहां लगभग 5 लाख से अधिक इस्राइली बस चुके हैं। वहीं, 30 लाख से ज्यादा फलस्तीनी अब भी सैन्य शासन में जीवन जी रहे हैं।