वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने करोड़ों लोगों की जिंदगियों को बेपटरी कर दिया। इस बीच ब्रिटेन से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। इंग्लैंड में एक 40 वर्षीय महिला वकील मानसिक परेशानियों से जूझ रही थीं। कोरोना प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन में ठीक से इलाज नहीं मिल पाने की वजह से महिला वकील ओल्गा की हालत इतनी खराब हो गई कि उसने अपने ही बेटे की जान ले ली।
इस ऑडियो को सीक्रेट तरीके से ओल्गा के दोस्त ने रिकॉर्ड किया था। इस मामले में मनोचिकित्सक डॉ. मार्टिन लॉक का कहना था कि ओल्गा डिप्रेशन और बैचेनी से जूझ रही थी। उनकी कंडीशन कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते और ज्यादा खराब हो चुकी थी। इसके अलावा, डिल्लन का स्कूल भी बंद हो चुका था, जिसने उनके तनाव काफी बढ़ गया था।
उसकी रिपोर्ट्स के अनुसार, ओल्गा के हालत इतनी बिगड़ गई थी कि वह चीजें भूलने लगी थी, बेवजह अपने आप पर दबाव महसूस करती थी और कुछ भी ठीक से सोचने समझने की स्थिति में नहीं थी। ओल्गा ने डॉक्टर्स से मदद लेने की भी कोशिश की थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते ठीक से इलाज नहीं मिल सका, जिससे उनकी मानसिक हालत और खराब हो गई।
डीन ने अपने बेटे के बारे में बात करते हुए कहा था कि मेरा बेटा स्वीट था। मैं उसे बहुत मिस कर रहा हूं, जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। इस मामले में जज का कहना था कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ओल्गा को मदद नहीं मिल पाई और लॉकडाउन उनके लिए बेहद भयानक साबित हुआ।