केटीवी ब्रिटेन में सिख समुदाय का बड़ा टेलीविजन चैनल है। संचार कार्यालय को संगीत वीडियो और परिचर्चा कार्यक्रम को लेकर कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद उसने जांच शुरू की। इस संगीत वीडियो में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तस्वीर थी। इस बारे में संचार कार्यालय ने रेखांकित किया है कि वीडियो में भारतीय राज्य के खिलाफ हिंसक कृत्य की वकालत करने पर जोर दिया गया था। परिचर्चा कार्यक्रम पंजाबी में प्रसारित किया गया और संचार कार्यालय को उसका अंग्रेजी में अनुवाद कराना पड़ा।
आतंकी संगठन का भी हुआ जिक्र
परिचर्चा कार्यक्रम 30 मार्च 2019 को 'पंथक मसले' के तौर पर प्रसारित हुआ था। संचार कार्यालय ने पाया कि कार्यक्रम ने कई मेहमानों को ऐसे विचार रखने के लिए मंच दिया, जो कार्रवाई का परोक्ष रूप से आह्वान करने और अपराध या अव्यवस्था के लिए उकसाने के समान थे। उसने कहा, संचार कार्यालय ने यह भी पाया कि उसमें प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा का भी संदर्भ था, जिसे हमारे विचार से उसे वैध बनाने और उसके उद्देश्य एवं कृत्यों को दर्शकों की नज़र में सामान्य बनाने की कोशिश के तौर पर लिया जा सकता है।
दो कार्यक्रमों के लिए लगा इतना जुर्माना
संचार कार्यालय ने आदेश में कहा कि ऑफकॉम ने हमारे नियमों का पालन करने में विफल रहने पर खालसा टेलीविजन लिमिटेड पर 20,000 पाउंड और 30,000 पाउंड का अर्थ दंड लगाया है। केटीवी पर 20,000 पाउंड का जुर्माना संगीत वीडियो से संबंधित है और 30,000 पाउंड का अर्थ दंड परिचर्चा कार्यक्रम को लेकर है।