रामकृष्णन (70 वर्षीय) उन छह शख्सियतों में शामिल हैं, जिनका उल्लेख महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने सितंबर में अपने निधन से पहले एक ऐतिहासिक आदेश में किया था। यह विशेष सम्मान ब्रिटेन की महारानी या महाराजा के द्वारा दिया जाता है।
नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर वेंकी रामकृष्णन को ब्रिटेन के प्रतिष्ठित 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान किंग चार्ल्स तृतीय ने विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए दिया है। रामकृष्णन भारतीय मूल के हैं।
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निधन से पहले महारानी ने किया था जिक्र
आणविक जीवविज्ञानी (मॉलेक्यूलर बायोलॉजिस्ट) रामकृष्णन (70 वर्षीय) उन छह शख्सियतों में शामिल हैं, जिनका उल्लेख महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने सितंबर में अपने निधन से पहले एक ऐतिहासिक आदेश में किया था। यह विशेष सम्मान ब्रिटेन की महारानी या महाराजा के द्वारा दिया जाता है।
सितंबर की शुरुआत में किया गया चयन
बकिंगघम पैलेस ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, महाराजा छह व्यक्तियों को 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' कर खुश हैं। सशस्त्र बलों, विज्ञान, कला, साहित्य या संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने में खास योगदान देने वालों को यह सम्मान दिया गया है। इसमें आगे कहा गया कि इन व्यक्तियों का चयन सितंबर की शुरूआत में किया गया था।
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कौन हैं प्रोफेसर वेंकी रामकृष्णन?
रामकृष्ण का जन्म दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के चिदंबरम में हुआ था। ब्रिटेन जाने से पहले उन्होंने अमेरिका में विज्ञान की पढ़ाई की थी। उन्हें 2009 में रसायन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
ऑर्डर ऑफर मेरिट अवॉर्ड की शुरुआत किंग एडवर्ड सप्तम द्वारा 1902 में की गई थी। इसे महाराजा या महारानी के द्वारा सशस्त्र बलों, विज्ञान, कला और साहित, संस्कृति आदि को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया जाता है।