कंपनियों पर भी बढ़ा अतरिक्त बोझ
हालांकि ये बदलाव केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। इसका असर कंपनियों पर भी अच्छा-खासा पड़ेगा। जो कंपनियां विदेशी कर्मचारी को नौकरी पर रखती हैं, उन्हें अब ज्यादा पैसे देने होंगे। इसके तहत छोटी या चैरिटी संस्थाओं को अब £480 (लगभग 56,633 रुपये) एक व्यक्ति पर प्रति साल टैक्स देना होगा। पहले यह लगभग 42000 रुपये था। वहीं बड़ी कंपनियों को £1,320 (लगभग 155000 रुपये) प्रति व्यक्ति, प्रति साल देना होगा। पहले यह £1,000 (लगभग 117000 रुपये) के आसपास था।
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उच्च योग्यता वाले विदेशी छात्रों के लिए अवसर
हालांकि ये भी नहीं है कि इन बदलावों से केवल नकारात्मक प्रभाव ही पड़ेगा। देखा जाए तो ब्रिटेन सरकार के इन नियमों के बाद हाई पोटेंशियल इंडिविजुअल (एचपीआई) वीजा के तहत अब 8,000 स्थानों की सीमा तय की गई है और इसमें शामिल विश्वविद्यालयों की संख्या भी दोगुनी की जाएगी। इससे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के छात्रों को ब्रिटेन में करियर बनाने का मौका मिलेगा।