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Gaza Crisis: यूके-फ्रांस और कनाडा ने इस्राइल को दी धमकी, कहा- गाजा में सैन्य कार्रवाई रोको नहीं तो...

Tue, 20 May 2025 01:15 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गाजा

सार

गाजा में राहत सामग्री रोकने के चलते अकाल की आशंका का दबाव बढ़ने पर इस्राइल ने क्षेत्र में कुछ सहायता पहुंचाने की मंजूरी दी है। हालांकि इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पर कब्जा शीघ्र होने की बात कहते हुए स्वीकारा कि गाजा को मदद बहाली का निर्णय सहयोगियों के दबाव में लिया गया है।
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गाजा में इस्राइली हमले - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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 इस्राइल ने गाजा में अपने युद्ध को और तेज कर दिया है। गाजा पट्टी में ताजा इस्राइली हमलों में रात भर और रविवार तक कम से कम 103 लोग मारे गए है। इस बीच, यू.के., फ्रांस और कनाडा ने इस्लाइल को धमकी दी है। इन तीनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि अगर इस्राइल गाजा और वेस्ट बैंक में अपनी गतिविधियों को कम नहीं करता है तो उसके खिलाफ प्रतिबंधों सहित "ठोस कार्रवाई" की जाएगी। 

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इस संयुक्त बयान में तीनों देशों ने गाजा में लगभग तीन महीने की नाकाबंदी के बाद इस्राइल द्वारा सीमित और बुनियादी मात्रा में सहायता की अनुमति देने के फैसले की तीखी आलोचना की गई है। बयान में कहा गया है कि जितनी सहायता की अनुमति दी गई है वो पूरी तरह से अपर्याप्त है। बयान में इस्राइल से गाजा में नई सैन्य कार्रवाइयों को रोकने और मानवीय सहायता को तुरंत अनुमति देने का भी आह्वान किया गया है। तीनों देशों के बयान में कहा गया कि उन्होंने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ इस्राइल के बचाव के अधिकार का समर्थन किया है, लेकिन इस जंग को उन्होंने भी असंगत बताया। 

यूके, फ्रांस और कनाडा का यह बयान तब आया है, जबकि इस्राइल और संयुक्त राष्ट्र ने यह कहा है कि सहायता के पहले कुछ ट्रक गाजा में प्रवेश कर चुके हैं। हालांकि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय प्रमुख ने इस सहायता को सागर में एक बूंद बताया है। वहीं, इन तीनों देशो का  यह रुख 19 महीने के युद्ध की शुरुआत के बाद से ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से पहला महत्वपूर्ण खतरा बताया जा रहा है।
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सहयोगियों के दबाव में न्यूनतम मदद का रास्ता खोला
इससे पहले, गाजा में राहत सामग्री रोकने के चलते अकाल की आशंका का दबाव बढ़ने पर इस्राइल ने क्षेत्र में कुछ सहायता पहुंचाने की मंजूरी दी है। हालांकि इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पर कब्जा शीघ्र होने की बात कहते हुए स्वीकारा कि गाजा को मदद बहाली का निर्णय सहयोगियों के दबाव में लिया गया है। वह बोले, सिर्फ 'न्यूनतम' दी जाएगी। हालांकि सोमवार तक लोगों को मदद नहीं मिली। नेतन्याहू ने कहा कि इस्त्राइल के सहयोगियों ने 'भूख से जुड़ी तस्वीरें' के बारे में चिंता जताई है व उनके देश से कहा है कि इसके साथ, हम आपका समर्थन नहीं कर पाएंगे।

भोजन लदे 20 ट्रक गाजा प्रवेश की प्रतीक्षा में
वहीं, संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा कि खाद्य पदार्थों से भरे 20 सहायता ट्रक सोमवार को गाजा पट्टी में प्रवेश करने के लिए खड़े हैं। अमेरिका समर्थित वितरण समूह ने गाजा में सहायता फिर से शुरू करने की इस्राइल की घोषणा का स्वागत किया। समूह ने कहा, इस्त्राइली पहला अहम कदम है। लेकिन सहायता अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।  

इस्राइल ने गाजा में 160 से अधिक ठिकानों पर एक साथ किया हमला
वहीं, सोमवार को इस्राइली रक्षा बलों (आईडीफ) ने एक ही दिन में गाजा में 160 से अधिक आतंकी ठिकानों पर हमला किया। उसने उत्तरी, मध्य और दक्षिणी गाजा को निशांना बनाते हुए भूमिगत बुनियादी ढांचे, हथियार भंडारण सुविधाओं, एंटी-टैंक मिसाइल चौकियों व हमास के सेल को निशाना बनाया। आईडीएफ ने कहा, 'अपडेट : ऑपरेशन गिदोन के रथ' शुरू किया जा चुका है। अभी मृतकों की जानकारी नहीं मिली हैं।

आईडीएफ ने कहा, गाजा में हमले जारी हैं। उसकी सेना ने उत्तरी गाजा में हमास के सेल, एंटी-टैंक मिसाइल लॉन्च पोस्ट और सैन्य संरचनाओं पर, मध्य गाजा में सुरंग ढांचे और एक हथियार भंडारण सुविधा पर और दक्षिणी गाजा में हमास की सैन्य संरचनाओं और बम-जाल वाली संरचनाओं पर हमले किए हैं। आईडीएफ प्रबक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशनी ने कहा, 7 अक्तूबर नरसंहार के बाद हमारा मिशन स्पष्ट है। इसमें बंधकों की घर वापसी और हमास की सैन्य और शासन क्षमताओं को खत्म करना शामिल है।  

गाजा का दूसरा सबसे बड़ा शहर खाली करने का आदेश
इस्राइली सेना ने गाजा के दूसरे सबसे बड़े शहर खान यूनिस और आसपास के कस्बों के निवासियों को क्षेत्र खाली करने का सोमवार को आदेश जारी किया। सैन्य प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आदेश पोस्ट करते हुए कहा कि पूरा क्षेत्र 'एक खतरनाक युद्ध क्षेत्र' माना जाएगा। क्षेत्र खाली करने का यह आदेश ऐसे समय में आया है जब इस्राइल ने गाजा में युद्ध तेज कर दिया है।

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