ब्रिटिश संसदीय खुफिया समिति ने एक रिपोर्ट में ईरान से ब्रिटिश सरजमीं पर खतरे की आशंका जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, ये खतरा साल 2022 के बाद और बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अब रूसी खतरे की तरह ही खतरनाक माना जा रहा है।
ब्रिटेन की एक संसदीय खुफिया समिति ने चेतावनी दी है कि ईरान से ब्रिटिश सरजमीं पर खतरा 2022 के बाद से काफी बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अब रूसी खतरे की तरह ही खतरनाक माना जा रहा है, खासकर ईरानी विरोधियों, यहूदी और इस्राइली हितों के खिलाफ।
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15 से ज्यादा हत्या या अपहरण की कोशिशें
जनवरी 2022 से अगस्त 2023 के बीच, ईरान की तरफ से ब्रिटेन के नागरिकों या निवासियों के खिलाफ कम से कम 15 हत्या या अपहरण की साजिशें रची गईं, यह दावा खुफिया और सुरक्षा समिति ने अपनी रिपोर्ट में किया है।
खतरनाक और अस्थिर रवैया- केवन जोन्स
संसद सदस्य और समिति के अध्यक्ष केवन जोन्स ने कहा, 'ईरान ब्रिटेन के लिए एक व्यापक, लगातार और अनिश्चित खतरा बन चुका है।' रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का रवैया रूस या चीन जितना रणनीतिक नहीं है, बल्कि वह अस्थिर और जोखिम भरा है। ईरान की गतिविधियां तरंगों में चलती हैं- यानी कभी अचानक बहुत सक्रिय और फिर कुछ समय शांत।
ईरान ने सभी आरोपों से किया इनकार
ब्रिटेन में मौजूद ईरान के दूतावास ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप बेबुनियाद, राजनीतिक उद्देश्य वाले और शत्रुतापूर्ण हैं। दूतावास ने बयान में कहा, 'यह कहना कि ईरान ब्रिटेन में हिंसा, जासूसी या साइबर हमलों में शामिल है, पूरी तरह गलत और खतरनाक है। इससे बेवजह तनाव बढ़ता है और कूटनीतिक संबंधों को नुकसान होता है।'
पहले भी मिल चुकी हैं चेतावनियां
बता दें कि ब्रिटेन की घरेलू खुफिया एजेंसी एमआई5 (MI5) के प्रमुख ने पिछले साल चेताया था कि ईरान और रूस, दोनों देशों की ओर से ब्रिटेन में हत्या, तोड़फोड़ और अन्य अपराधों की कोशिशें तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं मई 2024 में तीन व्यक्तियों पर लंदन की अदालत में आरोप लगे थे कि वे ईरानी जासूस हैं और ब्रिटेन में मौजूद एक ईरानी समाचार एजेंसी के पत्रकारों के खिलाफ हिंसा की साजिश रच रहे थे।