UK: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि उनका देश इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के गिरफ्तारी वारंट को चुनौती नहीं देगा।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के अनुरोध में दखल नहीं देगा। बता दें कि ब्रिटेन में अब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी की सरकार है। हालिया आम चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी को हार मिली थी। ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली पार्टी ने आईसीसी के इस वारंट को चुनौती देने की योजना बनाई थी।
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स्टार्मर के एक प्रवक्ता ने कहा, "यह पिछली सरकार का प्रस्ताव था। जिसे चुनाव से पहले पेश नहीं किया गया था। मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि (नई लेबर) सरकार हमारी लंबे समय से चली आ रही स्थिति के अनुरूप काम नहीं करेगी। यह मामला अदालत को तय करना है।"
आईसीसी के अभियोजक करीम खान ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट और हमास के तीन नेताओं, येह्या सिनवार, मोहम्मद दीफ और इस्माइल हानियेह पर गाजा पट्टी और इस्राइल में मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों का आरोप लगाया था।
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नेतन्याहू और अन्य इस्राइली नेताओं ने इस कदम की निंदा की और इसे अपमानजनक और यहूदी विरोधी बताया। राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी सुनक की तरह अभियोजक की आलोचना की थी। उन्होने हमास से खुद की रक्षा करने के इस्राइल के अधिकार का समर्थन किया।
आईसीसी के अभियोजक करीम खान ने गाजा में युद्ध को लेकर मई में नेतन्याहू और गैलेंट के लिए वारंट की मांग की थी। आईसीसी ने ब्रिटेन सरकार को चुनौती पेश करने के लिए शुक्रवार तक की समय सीमा तय की थी।