अमेरिका ने अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के वैश्विक आपराधिक नेटवर्क में बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाले जाबिर मोती के प्रत्यर्पण की मांग की है। इस मामले में ब्रिटेन की अदालत अमेरिका से आश्वासन मांग सकती है।
अमेरिका ने आश्वासन दिया है कि अगर जाबिर मोती को प्रत्यर्पित किया जाता है तो जेल में मानव अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई के दौरान चावला मामला भी उठा।
अदालत में इस्लामिक धर्मगुरु अबू हमजा के अमेरिका प्रत्यर्पण में मानवाधिकारों के मुद्दे का भी हवाला दिया गया। प्रत्यर्पण पर बहस करते हुए जाबिर मोती के वकील ने उनके मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को उठाया।
वकील ने कहा कि जाबिर मोती तनाव से पीड़ित है और तीन बार खुदकुशी की कोशिश कर चुका है। इस वजह से उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाना दमनकारी होगा। वकील ने कहा कि उसको अमेरिका भेजना मानवाधिकार अधिनियम के अनुच्छेद 3 का उल्लंघन होना।
जाबिर मोती की तरफ से गवाहों को अदालत में पेश किया गया। गवाही में अमेरिकी जेलों में अमानवीय और अपमानजनक स्थिति का आरोप लगाया गया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को तय की है।