अफ्रीकी देश युगांडा में राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन निष्पक्ष मतदान एक बड़ी चुनौती बनती नजर आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि गुरुवार (15 जनवरी) को होने वाले मतदान से पहले इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई है। इसी के साथ सड़कों पर जनता को सैनिकों और सुरक्षा बलों की भारी मौजदगी का सामना करना पड़ रहा है। जिससे विपक्ष की चिंताएं बढ़ती नजर आ रही है। वहीं जनता में भी दहशत का माहौल है।
बॉबी वाइन-योवेरी मुसेवेनी में चुनावी जंग
राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी नेता बॉबी वाइन और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी एक बार फिर आमने-सामने हैं। एक तरफ जहां युगांडा के लोग राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के लिए तैयार हैं, तो दूसरी तरफ निष्पक्ष चुनाव को लेकर विपक्ष भयभीत नजर आ रहा है। विपक्षी नेता बॉबी वाइन ने चुनाव से दो दिन (13 जनवरी) पहले सार्वजनिक इंटरनेट बंद को चुनावी धांधली और दमन की साजिश का आरोप लगाया है।
दरअसल, 1986 से सत्ता में काबिज राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी सातवें कार्यकाल की तलाश में हैं, जिससे वे सत्ता में पांच दशक पूरे करने के करीब पहुंच जाएंगे। लेकिन उन्हें पॉप गायक से राजनेता बने 43 वर्षीय बॉबी वाइन से कड़ी चुनौती मिल रही है, जो राजनीतिक परिवर्तन की चाह रखने वालों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
21.6 करोड़ पंजीकृत मतदाता
लगभग 4.5 करोड़ लोगों वाले पूर्वी अफ्रीकी देश में राष्ट्रपति पद के लिए छह अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि यहां 21.6 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। विश्लेषकों का कहना है कि मुसेवेनी लगभग निश्चित रूप से सत्ता में बने रहेंगे, लेकिन 81 वर्ष की आयु में वे अपनी सत्ता को लागू करने के लिए देश की सुरक्षा बलों पर और भी अधिक निर्भर हो गए हैं। उनके बेटे और संभावित उत्तराधिकारी जनरल मुहूजी कैनेरुगाबा, जो कि सेना के शीर्ष कमांडर हैं उन पर बॉबी वाइन ने चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है।
मतदान से दो दिन पहले इंटरनेट बंद
13 जनवरी (मंगलवार) को मतदान शुरू होने से 48 घंटे से भी कम समय पहले युगांडा संचार आयोग ने इंटरनेट सेवा बंद कर दी। इसी के साथ नए सिम कार्ड की बिक्री और पंजीकरण को भी निलंबित करने का निर्देश दिया है। सरकारी एजेंसी ने कहा कि यह कदम ऑनलाइन गलत सूचना, भ्रामक जानकारी, चुनावी धोखाधड़ी और संबंधित जोखिमों के तेजी से प्रसार को कम करने के लिए आवश्यक था। साथ ही संभावित हिंसा से उत्पन्न राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे का भी हवाला दिया गया है।
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चुनाव के बीच विपक्ष के नेता सतर्क
वाइन की पार्टी नेशनल यूनिटी प्लेटफॉर्म (एनयूपी) ने अपने समर्थकों से मतदान केंद्रों के पास रहने और मतदान के बाद सतर्क रहने का आग्रह किया है ताकि धांधली को रोका जा सके। युगांडा के कानून के अनुसार मतदाता मतदान केंद्रों से 20 मीटर (65 फीट) की दूरी पर एकत्र हो सकते हैं। चुनाव अधिकारी युगांडावासियों से आग्रह कर रहे हैं कि वे अपना वोट डालें और फिर घर चले जाएं, और संभवत बाद में मतगणना देखने के लिए लौट आएं। इस बात पर बहस चल रही है कि क्या मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर गवाह के रूप में रहना चाहिए।
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