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कश्मीर: यूएई ने पीओके को बताया भारत का हिस्सा, बौखलाए पाकिस्तान ने मांगा जवाब

Sun, 17 Sep 2023 05:50 AM IST
गुलाम अहमद ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली/इस्लामाबाद

सार

यूएई के उप-प्रधानमंत्री सैफ बिन जायद अल नाहयान ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) का नक्शा दिखाया गया था, इस नक्शे में पीओके को भारत का हिस्सा दिखाया गया है।
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PoK as part of India - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान अपने हर मौसम के साथी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से बौखला गया है। आए दिन यूएई से उधार मांगने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने यूएई से पीओके को भारत का हिस्सा बताने पर जवाब मांगा है। हालांकि, यूएई ने उसकी आपत्ति को पूरी तरह से नजरंदाज कर दिया है। यहां तक कि 2019 से ही पाकिस्तान के लिए बेचैनी का सबब बने अनुच्छेद 370 को भी यूएई ने भारत का अंदरूनी मसला बताते हुए कश्मीर पर पाकिस्तानी रुख से पल्ला झाड़ लिया है।

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असल में यूएई के उप-प्रधानमंत्री सैफ बिन जायद अल नाहयान ने 10 सितंबर को एक वीडियो जारी किया, जिसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) का नक्शा दिखाया गया था, इस नक्शे में पीओके को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इसके अलावा अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया है। दरअसल यूएई के डिप्टी पीएम ने वीडियो में जो भारत का नक्शा दिखाया, वह भारत का आधिकारिक नक्शा है। हालांकि, इस आधिकारिक हिस्से में शामिल भारत के कुछ हिस्सों पर पाकिस्तान और चीन का अवैध कब्जा है।

आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विवादित हिस्सों को किसी भी देश का हिस्सा नहीं दिखाया जाता है। लेकिन, कश्मीर के मुद्दे पर यह भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक कामयाबी है कि पाकिस्तान को एक इस्लामी देश के तौर हर तरह की मदद करने वाले यूएई ने कश्मीर के मसले पर भारत के पक्ष को स्वीकारते हुए इसे भारत का ही हिस्सा माना है। इससे पहले सऊदी अरब भी पीओके को भारत का हिस्सा मान चुका है। हालांकि, सऊदी अरब श्रीनगर में हुई जी-20 की बैठक में पाकिस्तानी की आपत्ति के चलते शामिल नहीं हुआ था। शुक्रवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जाहरा बलोच से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाने वाला कोई भी नक्शा कानूनी रूप से अस्थिर और तथ्यात्मक रूप से गलत है। हमें उम्मीद है कि हमारे अंतरराष्ट्रीय साझेदार इन तथ्यों पर उचित ध्यान देंगे।
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चीन ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
जी-20 की बैठक के दौरान जब आईएमईसी को पेश किया गया था, तो चीनी पीएम ली कियांग दिल्ली में ही थे। हालांकि, चीन की तरफ से आईएमईसी के नक्शे पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई, जबकि अक्साई चिन को इसमें भारत का दिखाया गया है। चीन ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया नहीं दी, जबकि इलाके पर चीन का अवैध कब्जा है।

पाक को दोहरा झटका
आईएमईसी को पाकिस्तान के लिए दोहरा झटका माना जा रहा है। इस समझौते से एक तरफ जहां पाकिस्तानी-चीन आर्थिक गलियारे (सीपैक) की अहमियत कम होगी, वहीं दूसरी तरफ यूरोप व मध्य पूर्व में चीन का प्रभाव कम होने से भी पाकिस्तान के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी, क्योंकि पाकिस्तान इस क्षेत्र में चीन के प्रभाव और उसके साथ अपने करीबी संबंधों की वजह से अब तक लाभ की स्थिति में रहा है।

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