यूएई ने 900 से अधिक भारतीय कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया। अबू धाबी में स्थित भारतीय दूतावास सभी कादियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगा। इसके लिए यूएई सरकार ने दूतावास को कादियों की सूची सौंप दी है।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीत रिश्ते में एक और सकारात्मक कदम देखने को मिल रहा है। जहां अब यूएई की सरकार ने जेल में बंद 900 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को रिहा करने का आदेश दिया है। ये निर्णय यूएई के नेतृत्व की तरफ से नवंबर 2025 के अंत में जारी की गई मानवता आधारित पहल के तहत लिया गया है। इसके लिए यूएई ने 900 से अधिक भारतीय नागरिकों की सूची अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को सौंप दी है।
जुर्माने की रकम भी यूएई सरकार उठाएगी
इसके साथ ही यूएई की सरकार ने यह भी घोषणा की है कि रिहाई के साथ जुड़ी सभी वित्तीय बाधाओं जैसे कि जुर्माना या मुआवजा, सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसका मतलब है कि कैदियों के परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे अपने प्रियजनों के पुनर्वास में मदद कर सकेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि यह कदम उन लोगों को नई शुरुआत का मौका देता है, उनके परिवारों का बोझ कम करता है और उनके चाहने वालों को राहत देता है।
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भारत और यूएई के रिश्तों में मजबूती
गौरतलब है कि यह कदम यूएई की भारतीय नागरिकों के प्रति लगातार मानवता आधारित सहयोग की एक कड़ी है। यूएई में दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय में से एक रहता है, जिसमें 35 लाख से ज्यादा भारतीय काम और जीवन यापन करते हैं। भारत और यूएई के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं, जो व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की पहल भारत और यूएई के बीच मित्रता और सहयोग को और मजबूत करती है।