अमेरिकी सदर्न कमांड ने गुरुवार को कहा कि कैरिबियन सागर में सैन्य तैनाती के तहत तैनात नेवी के दो जहाज टकरा गए, जिसमें कुछ सैनिकों को मामूली चोटें आईं। जानकारी के मुताबिक, डिस्ट्रॉयर यूएसएस ट्रक्सटन और सप्लाई शिप यूएसएनएस सप्लाई बुधवार को टकरा गए, जब वॉरशिप को नई सप्लाई मिल रही थी।
अमेरिकी नौसेना के दो बड़े जहाज, डिफेंस डिस्ट्रॉयर यूएसएस ट्रक्सटन और सप्लाई जहाज यूएसएनएस सप्लाई, कैरिबियन सागर में आपस में टकरा गए। यह दुर्घटना तब हुई जब दोनों जहाज साथ-साथ चल रहे थे और एक दूसरे को तलीय माल और ईंधन दे रहे थे। यह घटना ट्रंप प्रशासन की तरफ से कैरिबियन सागर में तैनात सबसे बड़े नौसेना बल के बीच हुई।
अमेरिकी नौसेना बल क्यों वहां है?
अमेरिकी सरकार ने अमेरिका-दक्षिण अमेरिका और कैरिबियन के आस-पास समुद्री इलाकों में नौसेना का बड़ा बल तैनात किया हुआ है। इसका मकसद कथित रूप से ड्रग तस्करी रोकना और समुद्री सुरक्षा बढ़ाना बताया गया है।
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हादसे में दो नाविक घायल
सैन्य बयान में कहा गया है कि इस टक्कर में दो नाविकों को हल्की चोटें आईं, लेकिन दोनों की स्थिति स्थिर है। दोनों जहाज अभी भी सुरक्षित रूप से समुद्र में जा रहे हैं। दोनों जहाजों के टकराने के कारण अभी स्पष्ट नहीं है, इस पर जांच जारी है। यूएसएस ट्रक्सटन कैरिबियन में नेवी की बड़ी मौजूदगी में हाल ही में शामिल हुआ है, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर, यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड, और हजारों मरीन को ले जाने वाले कई एम्फीबियस असॉल्ट शिप सहित 12 जहाज हैं।
3 फरवरी को होम पोर्ट से निकला था यूएसएस ट्रक्सटन
यूएसएस ट्रक्सटन 3 फरवरी को वर्जीनिया के नॉरफॉक में अपने होम पोर्ट से निकला था। नेवी के एक अधिकारी के मुताबिक, डिस्ट्रॉयर को इमरजेंसी इक्विपमेंट रिपेयर के लिए कई दिनों तक पोर्ट पर लौटना पड़ा और आखिरकार यह 6 फरवरी को कैरिबियन के लिए रवाना हुआ।
पहले भी एक जहाज से टकराया था अमेरिकी जहाज
बता दें कि पिछले साल फरवरी में यूएसएस हैरी एस. ट्रूमैन नाम के नौरायना जहाज की एक व्यापारी जहाज से टक्कर हुई थी, जिसमें केवल हल्का नुकसान हुआ था। दिसंबर में जारी एक जांच से पता चला कि जब एयरक्राफ्ट कैरियर तय समय से पीछे चल रहा था, तो जहाज को चलाने वाला ऑफिसर उसे बहुत ज्यादा तेज स्पीड से चला रहा था। रिपोर्ट में पाया गया कि जब एक मर्चेंट शिप कैरियर से टकराने वाले रास्ते पर आ गया, तो ऑफिसर इन चार्ज ने खतरे से बाहर निकलने के लिए काफी एक्शन नहीं लिया और जहाज इतनी तेज चल रहा था कि इंजन बंद करने के बाद उसे रुकने में लगभग डेढ़ मील लग जाता।