पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान ने जेल में स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने की शिकायत की है। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी दाहिनी आंख की रोशनी में गंभीर कमी आई है। हालांकि उन्होंने जेल में सुरक्षा व्यवस्था और भोजन को लेकर संतोष व्यक्त किया है।
रावलपिंडी की अडियाला जेल का दौरा करने वाले अधिवक्ता सलमान सफदर ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी है। यह रिपोर्ट इमरान खान की जेल स्थितियों और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं पर आधारित है।
आंखों की रोशनी पर गंभीर असर
रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने बताया कि पिछले तीन महीनों से उनकी आंखों की रोशनी लगातार कम हो रही है। उन्होंने कहा कि अक्तूबर तक उनकी दृष्टि सामान्य थी, लेकिन बाद में धुंधलापन बढ़ता गया। उन्होंने जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में पीआईएमएस अस्पताल के डॉक्टर ने जांच की, जिसमें खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) पाया गया। इलाज के बावजूद अब उनकी दाहिनी आंख में केवल लगभग 15 प्रतिशत दृष्टि बची है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुलाकात के दौरान इमरान खान मानसिक रूप से परेशान और शारीरिक असहजता में दिखाई दिए।
नियमित जांच और डॉक्टरों तक पहुंच की मांग
इमरान खान ने कहा कि 73 वर्ष की उम्र में उन्हें नियमित ब्लड टेस्ट और दंत जांच की आवश्यकता है, लेकिन पिछले दो वर्षों से किसी दंत चिकित्सक ने जांच नहीं की। उन्होंने यह भी बताया कि पहले उनके निजी डॉक्टरों को मिलने की अनुमति थी, लेकिन दृष्टि संबंधी शिकायत के बाद उन्हें रोक दिया गया।
गर्मी और मच्छरों से परेशानी
रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान सुबह करीब 9:45 बजे नाश्ता करते हैं, जिसमें कॉफी, दलिया और खजूर शामिल होते हैं। इसके बाद कुरान का पाठ और सीमित व्यायाम करते हैं। दोपहर में उन्हें सुरक्षित परिसर में टहलने की अनुमति मिलती है। भोजन का खर्च उनके परिवार द्वारा वहन किया जाता है। रात में वे हल्का भोजन लेते हैं, जिसमें फल और दूध शामिल होता है। जेल प्रशासन ने बताया कि उनके सेल में बिस्तर, टेबल, कुर्सी, पंखा, हीटर और टेलीविजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, हालांकि टीवी कार्यशील नहीं पाया गया। इमरान खान ने बताया कि सर्दियों में हीटर और गर्म पानी उपलब्ध है, लेकिन गर्मियों में अत्यधिक गर्मी, उमस और मच्छरों की समस्या से नींद प्रभावित होती है।
सुरक्षा और भोजन पर संतोष
रिपोर्ट में उल्लेख है कि इमरान खान ने सुरक्षा व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत नहीं की। हालांकि उन्होंने अपनी आंखों की बीमारी पर विशेषज्ञ चिकित्सा टीम से जांच कराने और निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति देने की मांग की है। रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की गई है कि उन्हें आवश्यक किताबें, परिवार से मुलाकात और वकीलों से संपर्क की सुविधा दी जाए।