बाघ, शेर, तेंदुआ जैसे जीवों पर लंबे समय से विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। इनके संरक्षण के लिए दुनियाभर के पर्यावरणविद और वैज्ञानिक कोशिश में जुटे हैं। दुनिया में पहली बार शेर के दो शावकों ने टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक (आईवीएफ) से पैदा हुए हैं। दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकी शेरनियों पर शोध कर रहे वैज्ञानिक आखिरकार इसमें कामयाब हो गए हैं। अफ्रीकी देशों में शेरों की प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर हैं।
दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकी शेरनियों के प्रजनन तंत्र पर शोध कर रहे वैज्ञानिकों ने टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक से शेर के शावक पैदा करने में सफलता हासिल की है। इसके लिए प्रिटोरिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक 18 महीने से शोध कर रहे थे।
प्रिटोरिया मैमल रिसर्च इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर आंद्रे गांसविंड ने बताया, "इन शावकों ने 25 अगस्त को जन्म लिया है। इनमें एक नर और एक मादा है। दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। करीब 18 महीनों के गहन परीक्षण और मेहनत के बाद वैज्ञानिकों ने यह सफलता हासिल की है।
इन शावकों के लिए एक स्वस्थ शेर का स्पर्म लिया था। उसके बाद जब शेरनी का हार्मोन स्तर सामान्य अवस्था में हुआ फिर स्पर्म को कृत्रिम तरीके से उसके गर्भाशय में डाला गया। और इसमें हम कामयाब रहे।"
26 अफ्रीकी देशों में खत्म होने की कगार पर हैं शेर
इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) के मुताबिक, '26 अफ्रीकी देशों में शेरों की प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर है। पिछले 20 सालों में इनकी संख्या में 43 फीसदी की कमी आई है। इस समय यहां लगभग 20,000 शेर ही बचे हैं। अगर इन्हें बचाने की कोशिश नहीं की गई तो ये वास्तव में विलुप्त हो जाएंगे।'