फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: अमेरिका में वीजा घोटाले का पर्दाफाश, टेक्सास में रहने वाले दो पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार

Mon, 26 May 2025 03:56 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ह्यूस्टन

सार

अमेरिका के टेक्सास में दो पाकिस्तानी नागरिकों को फर्जी नौकरियों के जरिए विदेशी नागरिकों को अमेरिकी वीजा दिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अदालत ने वीज़ा धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप तय किए हैं। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका से एक बड़ी खबर समने आ रही है। जहां दो पाकिस्तानी नागरिकों को एक बड़े वीज़ा और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ये लोग कई सालों से चल रहे एक ऐसे नेटवर्क को चला रहे थे, जिससे विदेशी नागरिकों को फर्जी तरीके से अमेरिका में दाखिला और वीजा दिलाया जा रहा था। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम हैं अब्दुल हादी मुर्शिद और मुहम्मद सलमान नासिर। इन दोनों पर 23 मई को टेक्सास की एक संघीय अदालत ने आरोप तय किए हैं।

विज्ञापन

एफबीआई ने की लोगों से अपील
वहीं FBI ने उन सभी लोगों से अपील की है जो इस घोटाले के शिकार हुए हैं, कि वे सामने आएं और रिपोर्ट करें। मामले में अधिकारियों ने साफ कहा, “H-1B जैसे वीज़ा प्रोग्राम दुनिया की प्रतिभाओं को लाने के लिए हैं, न कि धोखाधड़ी करने वालों के लिए।

ये भी पढ़ें:- All Party Delegation: स्लोवेनिया के दौरे पर पहुंची कनिमोझी की टीम; सांसदों के साथ गुयाना पहुंचे शशि थरूर
विज्ञापन


20 साल तक की हो सकती है सजा
अगर आरोप साबित होते हैं, तो दोनों को 20 साल तक की जेल हो सकती है। अब्दुल हादी मुर्शिद की नागरिकता भी रद्द हो सकती है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ नियमों को तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम को धोखे से चलाने की एक आपराधिक योजना थी।

अब समझिए पूरा मामला?
बता दें कि इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने झूठे नौकरी के विज्ञापन देकर अमेरिकी वीज़ा प्रोग्राम्स जैसे EB-2, EB-3 और H-1B का गलत इस्तेमाल किया। इन्होंने ऐसी नौकरियों के लिए आवेदन करवाए जो असल में मौजूद ही नहीं थीं। इसके जरिए उन्होंने झूठे लेबर सर्टिफिकेट हासिल किए और फिर इनका इस्तेमाल करके फर्जी वीज़ा आवेदन किए।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Asaduddin Owaisi: बहरीन में पाकिस्तान पर बरसे एआईएमआईएम सांसद; ओवैसी ने कहा- पड़ोसी देश हमलावर है, पीड़ित नहीं

इसके साथ ही मामले में पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने डी. रॉबर्ट जोन्स पीएलएल के जैसे विख्यात नामों का इस्तेमाल करते हुए सैकड़ों झूठे आवेदन किए। विदेशों से आए लोगों से बड़ी रकम ली गई, और कुछ पैसे उन्हें नकली पेरोल के रूप में वापस दिए गए ताकि लगे कि वे अमेरिका में नौकरी कर रहे हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें