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Partygate Case: रिपोर्ट सामने आने के बाद बोरिस जॉनसन पर बढ़ा दबाव, उनकी ही पार्टी के दो सांसदों ने की इस्तीफे की मांग

Thu, 26 May 2022 09:40 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

बुधवार को जारी हुई इस रिपोर्ट को लेकर बोरिस जॉनसन ने संसद में माफी मांगी और कहा कि वे सबकी जिम्मेदारी लेते हैं। वे डाउनिंग स्ट्रीट और कैबिनेट कार्यालय में कोरोना लॉकडाउन कानून तोड़ने वाली पार्टियों से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
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ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन - फोटो : ani
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विस्तार
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ब्रिटेन में सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी के दो और सांसदों ने गुरुवार को पार्टी के नेता बोरिस जॉनसन से ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की। पार्टीगेट मामले में आई जांच रिपोर्ट में कई शीर्ष अधिकारियों सहित बोरिस जॉनसन को कार्यालय में नियमों के उल्लंघन की ‘संस्कृति’ का दोषी ठहराया गया है। 

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वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सू ग्रे ने ये रिपोर्ट तैयार की है। बुधवार को जारी हुई इस रिपोर्ट को लेकर बोरिस जॉनसन ने संसद में माफी मांगी और कहा कि वे सबकी जिम्मेदारी लेते हैं। वे डाउनिंग स्ट्रीट और कैबिनेट कार्यालय में कोरोना लॉकडाउन कानून तोड़ने वाली पार्टियों से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं, दूसरी तरफ इस रिपोर्ट के आने के बाद न केवल ब्रिटेन में विपक्ष को एक और मौका मिल गया है, बल्कि बोरिस जॉनसन की खुद की पार्टी के भीतर उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। टोरी के सांसद जॉन बैरन और डेविड सिममंड्स ने बैकबेंच सहयोगी जूलियन स्टर्डी के साथ बोरिस जॉनसन के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यह नए नेतृत्व का समय है। वहीं, दूसरी तरफ कुछ मंत्री अपने नेता का बचाव भी कर रहे हैं। यहां तक कि गुरुवार को संसद में यूके के चांसलर ऋषि सनक की GBP 15 बिलियन कॉस्ट ऑफ लिविंग क्राइसिस सपोर्ट पैकेज की घोषणा को भी पार्टीगेट मामले से ध्यान हटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। 
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संसद में विपक्षी लेबर पार्टी की भारतीय मूल की लिसा नंदी ने यूके की पीएम पर पार्टीगेट के लिए जूनियर स्टाफ को "जिम्मेदारी सौंपने" का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अफ़सोस नहीं है कि उन्होंने ऐसा किया, उन्हें खेद है कि वह पकड़े गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह “विनयपूर्ण” थे और उन्होंने “एक सबक सीखा” था लेकिन अब यह “आगे बढ़ने” और सरकार की प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने का समय है।

वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सू ग्रे की यह बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई। इस रिपोर्ट में कहा गया, ऐसी संस्कृति के लिए ‘वरिष्ठ नेतृत्वकारी दल को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जिसने कार्यक्रमों को होने दिया, जिनका आयोजन नहीं होना चाहिए था। गौरतलब है कि इन सभी पर कोरोना वायरस की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर सरकारी कार्यालयों में पार्टी करने का आरोप है। इस मामले को पार्टीगेट करार दिया गया है।

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