पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बेटे और एक अमेरिकी नागरिक के अपहरण में कथित तौर पर शामिल आईएसआईएस के दो आतंकवादियों को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब प्रांत में मार गिराया। पुलिस ने गुरूवार को यह जानकारी दी।
पंजाब पुलिस के आतंकरोधी विभाग (सीटीडी) ने कहा कि आतंकवादियों की पहचान मुहम्मद रिजवान और इमरान साकी के रूप में की गई। उन्हें मुल्तान जिले में एक घर पर बुधवार देर रात की गई छापेमारी में मारा दिया गया। वे तीन खुफिया अधिकारियों की हत्या में भी शामिल थे।
एक बयान में, सीटीडी ने कहा कि उसे जानकारी मिली कि प्रतिबंधित आतंकवादी समूह आईएसआईएस के पांच आतंकवादी लाहौर से लगभग 350 किलोमीटर दूर जिले के एक घर में छिपे हुए थे। बयान में कहा गया कि एक टीम ने घर को घेर लिया और आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा।
सीटीडी ने कहा, "आत्मसमर्पण करने के बजाय आतंकवादियों ने छापा मारने वाली टीम पर गोलियां चलाईं। इसके जवाब में उन्होंने भी गोलियां चलाई, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए, जबकि उनके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।"
आतंकियों ने खुफिया एजेंसियों के कर्मियों पर हमला करने की योजना बनाई थी। बयान में कहा गया कि घर से नौ हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक और हथियार जब्त किए गए। वे 2011 में अमेरिकी नागरिक वारेन वेनस्टेन और 2013 में यूसुफ गिलानी के बेटे अली हैदर गिलानी के अपहरण में शामिल थे। लाहौर से अगवा किए गए वेनस्टेन 2015 में अफगान सीमा पर अमेरिकी ड्रोन हमले में गलती से मारे गए, जबकि हैदर गिलानी को तीन साल बाद अफगानिस्तान से बचाया गया।
आतंकवादियों ने एक वरिष्ठ कानून प्रवर्तन अधिकारी के अपहरण की कोशिश के दौरान फैसलाबाद में दो पुलिस अधिकारियों की भी हत्या कर दी थी। इस साल की शुरुआत में सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब प्रांत के फैसलाबाद में समूह के दो अन्य सदस्यों को मार गिराया था।