एक तरफ कोरोना के चीन में फिर से लौटने और कुछ इलाकों में इसका अभी भी असर होने की खबरें आ रही हैं, दूसरी तरफ चीन लगातार खुद को एकदम सामान्य दिखाने और पूरी व्यवस्था को पटरी पर लाने में लगा हुआ है।
हर साल मार्च में होने वाले चीन के सबसे अहम माने जाने वाले दो बड़े सेशन अब मई में होने जा रहे हैं। इनमें देश के बजट से लेकर तमाम अहम योजनाओं और कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाता है।
तेरहवीं नेशनल पीपुल्स कांफ्रेंस का ये सेशन 22 मई को होगा। जबकि चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कांफ्रेंस की तेरहवीं नेशनल कमेटी की बैठक 21 मई को होगी। कोविड-19 की वजह से मार्च के पहले हफ्ते में होने वाले इन दोनों सेशन को स्थगित किया गया था।
हर साल इन दोनों सेशन में नेशनल एसेंबली के 3000 सदस्य और 2150 प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक सलाहकार हिस्सा लेते हैं। ये सभी वरिष्ठ और बड़े पदाधिकारी देश की पूरी व्यवस्था, कार्यक्रमों और योजनाओं, अर्थव्यवस्था के तमाम आयामों पर चर्चा करते हैं और अगले वित्त वर्ष तक के लिए इसे अंतिम रूप देते हैं।
इन बैठकों में देश के तमाम निचले इलाकों के लोगों की जरूरतों और आम लोगों की उम्मीदों को भी पूरा करने की रूपरेखा बनाई जाती है।
माना जा रहा है कि इस बार बैठक पूरी तरह कोरोना वायरस की वजह से बिगड़े देश के हालात को पटरी पर लाने पर केंद्रित होगी। लेकिन इससे भी अहम दुनिया भर में फैले चीन के बाजार को बरकरार रखने, इसका विस्तार करने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बिगड़ी अपनी छवि को ठीक करने की रणनीति पर भी चर्चा होगी।
राष्ट्रपति शी जिन पिंग दुनिया भर के देशों में कोरोना की वजह से खराब हुई चीन की छवि को सुधारने के साथ ही हर देश को अपनी मदद पहुंचाने में लगे हैं।
वह ये भरोसा दे रहे हैं कि पूरी दुनिया को संकट की इस घड़ी में चीन ही बेहतर मदद कर सकता है। जाहिर है इन दोनों सेशन में जिन पिंग की इन रणनीतियों को और प्रभावी और बेहतर करीके से दुनिया के सामने ले जाने की रणनीति पर भी चर्चा होगी।