ट्विटर ने ठीक पंद्रह दिन पहले उस पर हुए साइबर हमले की कुछ और परतें खोली हैं। इस साइबर अटैक में हैकर्स ने कंपनी के कुछ खास कर्मचारियों को निशाना बनाया था। इन्हीं के जरिए साइबर हमला करने वालों ने दुनियाभर की कई हस्तियों के खातों में सेंध लगाई थी।
बता दें कि 15 जुलाई को अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और आईफोन की निर्माता कंपनी एप्पल समेत दुनिया के कई बड़े कारोबारियों और नेताओं के ट्विटर अकाउंट हैक कर लिए गए थे।
ऐसे कई हाई प्रोफाइल ट्विटर अकाउंट को एक साथ क्रिप्टोकरंसीज घोटाले के लिए हैक किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद ट्विटर ने कहा है कि यह उसके लिए एक कठिन दिन है और वह इस समस्या को जल्द ही सुधारने के लिए काम कर रही है। साथ ही ट्विटर ने कहा था कि वह इस संबंध में और जानकारी उपलब्ध कराएगा।
अब ताजा जानकारी देते हुए ट्विटर ने कहा है कि 15 जुलाई 2020 को हुए फोन स्पीयर फिशिंग अटैक में उसके कर्मचारियों को निशाना बनाया गया। हालांकि निशाना बने कर्मचारियों की संख्या कम रही। इस साइबर हमले का मकसद कर्मचारियों को गुमराह करने के लिए महत्वपूर्ण और ठोस प्रयास करना था, साथ ही हमारी आंतरिक सुरक्षा तक पहुंचा बनाना था। इसके लिए मानवीय कमजोरियों का इस्तेमाल किया गया।
कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी हासिल करने के बाद वह उन दूसरे कर्मचारियों को निशाना बनाने में सक्षम हुए जिनके पास हमारी अकाउंट सपोर्ट टूल का एक्सेस था। इसके बाद साइबर हमला करने वालों ने करीब 130 ट्विटर खातों में सेंध लगाकर 45 ट्वीट किए, 36 इनबॉक्स मैसेज भेजे और सात खातों से डाटा डाउनलोड किया।