अमेरिका के टफ्ट्स विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली तुर्किए की एक छात्रा को हिरासत में लिया गया है। एक वीडियो में दिख रहा है कि कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रा को पकड़ा और हथकड़ी लगाकर ले गए। तुर्किए की छात्रा को किस आरोप में पकड़ा गया है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। हिरासत में ली गई छात्रा की पहचान रुमेया ओतुर्क (30 वर्षीय) के रूप में हुई है। छात्रा की वकील का कहना है कि अभी तक कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं कि ओतुर्क को किस मामले में हिरासत में लिया गया है।
क्या है मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रुमेया ओतुर्क मंगलवार की रात को अपने दोस्तों से मिलने के लिए सोमरविले स्थित अपने घर से निकली थी, लेकिन रास्ते में कुछ नकाबपोश लोगों ने उसे रोक लिया और हथकड़ी लगाकर हिरासत में ले लिया। एक वीडियो में दिख रहा है कि छह लोगों ने ओतुर्क को पकड़ा और उनके चेहरों पर नकाब था। इतना ही नहीं उनकी कार पर नंबर प्लेट भी नहीं थी। पकड़े जाने पर छात्रा चिल्लाई। इस पर आसपास के कुछ लोगों ने जब मदद की कोशिश की तो नकाबपोश लोगों ने बताया कि वे पुलिस हैं। हालांकि उन्होंने अपना चेहरा छिपाने की वजह नहीं बताई।
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अभी आरोप तय नहीं
छात्रा की वकील ने बताया कि 'वह इफ्तार के लिए अपने दोस्तों के घर जा रही थी। उसे कहां रखा गया है, इसकी भी हमें जानकारी नहीं दी गई है। अभी तक रुमेया के खिलाफ कोई आरोप भी तय नहीं किए गए हैं।' रुमेया छात्र वीजा पर अमेरिका में रह रही है और उसका वीजा वैध है। वह टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड साइंस की छात्रा है। वहीं टफ्ट्स विश्वविद्यालय के अध्यक्ष सुनील कुमार ने एक बयान में बताया कि एक अंतरराष्ट्रीय स्नातक छात्रा को हिरासत में लिया गया है और उसका वीजा भी रद्द कर दिया गया है। हालांकि उन्होंने इस मामले में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
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इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और डेमोक्रेट पार्टी की सांसद एना प्रेसली ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन और बोलने की आजादी के अधिकार का उल्लंघन करार दिया। उन्होंने छात्रा को तुरंत रिहा करने की मांग की।
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