तुर्किए और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप से अब तक 37 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इस भयावह भूकंप ने लाखों लोगों को ऐसा दर्द दिया जिसे भूले नहीं भुलाया नहीं जा सकता है। इस भूकंप ने शहरों-गांवों में कई आशियाने भी उजाड़ दिए। भूकंप के बाद जीवित बचे लोगों का संघर्ष अभी भी जारी है। लोग जो अनुभव साझा कर रहे हैं, जिसे सुन आप रोने पर मजबूर हो जाएंगे।
दो बच्चे मलबे के अंदर, क्रेन की खोज में दर-दर भटकती मां
केवसेर नाम की महिला ने दर्द बयां करते हुए कहा कि वह अपने दो बेटों को तुर्किए के अंताक्य शहर में उनकी ढही हुई अपार्टमेंट के मलबे के नीचे फंसे होने की आवाज सुन रही थीं लेकिन दो दिनों तक उन्हें बचाने का आदेश देने के लिए एक इमरजेंसी ऑपरेशन लीडर नहीं मिला।
महिला ने कहा कि मैं मलबा उठाने के लिए सिर्फ एक क्रेन की भीख मांगती रही। समय बीत रहा था। मैं रो रही थी और कह रही थी भगवान के लिए केवल एक क्रेन मिल जाए। लोगों ने मीडिया चैनलों से कहा कि इमारत के मलबे से और जीवित लोगों को नहीं निकाला गया है।
हजारों लोग सड़क पर इधर-उधर भटक रहे
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने तुर्किए की सड़क पर कई लोगों से बात की। इस दौरान लोगों ने प्रशासन और व्यवस्था को लकर नाराजगी जताई। लोगों ने आपदा क्षेत्र में पानी, भोजन, दवा, बॉडी बैग और क्रेन की कमी की शिकायत की। हजारों लोग सड़क पर इधर-उधर भटक रहे हैं।
1939 के बाद तुर्किए का सबसे विनाशकारी भूकंप
सोमवार को दोनों देशों से मरने वालों की संख्या 37,000 से अधिक हो गई, जिससे यह इस सदी की दुनिया की सबसे खराब प्राकृतिक आपदाओं और 1939 के बाद से तुर्की के सबसे घातक भूकंपों में से एक बन गया।
विनाशकारी भूकंप में 50 हजार से अधिक लोगों की जान जाने की संभावना
संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ्स ने जो आशंका जताई है वह और दिल दहलाने वाला है। दरअसल, मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा है कि इस विनाशकारी भूकंप में 50 हजार से अधिक लोगों की जान गई होगी। उन्होंने कहा कि वास्तव में मैंने मृतकों की संख्या गिनना शुरू नहीं किया है लेकिन जिस तरह से मलबे दिख रहे हैं उससे साफ लग रहा है कि यह आंकड़ा 50 हजार से अधिक जा सकता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही, खोज और बचाव लोग मानवीय एजेंसियों के लिए रास्ता बनाएंगे, जिनका काम अगले महीनों के लिए प्रभावित लोगों की असाधारण संख्या को देखना होगा।