तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने रविवार को घोषणा की कि चुनाव निर्धारित समय से एक महीने पहले 14 मई को होंगे। रविवार को राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में यह जानकारी सामने आई है। एर्दोगन ने उत्तर-पश्चिमी बर्सा प्रांत में शनिवार को युवा सम्मेलन के दौरान यह घोषणा की। इस कार्यक्रम का एक वीडियो रविवार को जारी किया गया। गौरतलब है कि एर्दोगन फिर से चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं।
एर्दोगन ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि हम आपके साथ और हमारे मूल्यवान युवाओं के साथ, जो 14 मई को होने वाले चुनावों में पहली बार मतदान करेंगे, अपना भविष्य साझा कर रहे हैं। इसके लिए मैं भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं। एर्दोगन ने बर्सा में युवाओं के साथ अपनी बैठक के एक वीडियो में कहा कि यह चुनाव निर्धारित समय से पहले नहीं है बल्कि इसे आगे लेकर आ रहे हैं। इस वीडियो को राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा साझा किया गया है।
एर्दोगन ने पहले ही दिया था संकेत
खलीज टाइम्स ने बताया कि
तुर्किये के राष्ट्रपति के लिए और संसदीय चुनाव 18 जून को होने वाले थे, लेकिन राष्ट्रपति एर्दोगन ने पहले ही संकेत दिया था कि चुनाव को निर्धारित समय से पहले कराया जा सकता है। उनकी एके पार्टी के एक अधिकारी ने पहले कहा था कि जून में चुनाव संभव नहीं होगा क्योंकि उस समय गर्मियों की छुट्टियों का मौसम होगा और लोग यात्रा कर रहे होंगे।
2003 से पद पर हैं एर्दोगन
द वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि यदि कोई उम्मीदवार 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल नहीं करता है, तो 28 मई को दूसरे दौर का मतदान होगा। एर्दोगन 2003 से पद पर हैं - पहले प्रधानमंत्री के रूप में और 2014 से राष्ट्रपति के रूप में। यह तुर्किये के शक्तिशाली व्यक्ति एर्दोगन के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण चुनाव होगा। क्योंकि वह दो दशकों से सत्ता में हैं और मुख्य रूप से मुस्लिम लेकिन आधिकारिक रूप से धर्मनिरपेक्ष देश की राजनीति को आकार दे रहे हैं।
चुनाव की तारीख का विपक्षी गठबंधन ने भी किया समर्थन
खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि संसदीय और राष्ट्रपति चुनाव कड़े होंगे और क्षेत्रीय सैन्य शक्ति, नाटो सदस्य और प्रमुख उभरती बाजार अर्थव्यवस्था की बागडोर के रूप में एर्दोगन अपने दो दशकों में सबसे बड़े परीक्षण को चिन्हित करेंगे। 14 मई की चुनावी तिथि का विपक्षी गठबंधन द्वारा भी समर्थन किया गया है। हालांकि विपक्षी गठबंधन अभी भी 68 वर्षीय नेता के खिलाफ एक संयुक्त उम्मीदवार की पसंद पर बहस कर रही है।
द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, छह दलों के विपक्षी गठबंधन ने अभी तक राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं घोषित किया है। एक कुर्द-समर्थक पार्टी, जो संसद में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है, को अब तक गठबंधन से बाहर रखा गया है और कहा गया है कि वह अपना उम्मीदवार खड़ा कर सकती है। बता दें कि 68 वर्षीय एर्दोगन ने 2018 में शासन की एक नई प्रणाली शुरू की थी, जिसने प्रधानमंत्री के कार्यालय को समाप्त कर दिया था और अधिकांश शक्तियों को राष्ट्रपति के हाथों में केंद्रित कर दिया था। इससे पहले राष्ट्रपति का कार्यालय मुख्य रूप से एक औपचारिक पद था। नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव एक ही दिन होते हैं।