तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन के एक बयान ने देश की अर्थव्यवस्था को नीचे से हिला दिया है। तुर्की की आर्थिक हालात इन दिनों बेहद कमजोर है। राष्ट्रपति तैयप एर्दोआन ने अपने संबोधन में कहा कि इस्लाम में कम ब्याज लेने या फिर ब्याज ना लेने की बात कही गई है, इसलिए वह ब्याज दरों को नहीं बढ़ाएंगे। एर्दोआन के इस बयान के बाद तुर्की की नेशनल करेंसी लीरा में डॉलर के मुकाबले लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बता दें कि तुर्की की करेंसी लीरा के कमजोर पड़ने से देश के आर्थिक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राष्ट्रपति एर्दोआन की नीतियों के चलते बीते इस साल लीरा का मूल्य डॉलर के मुकाबले 57 प्रतिशत तक गिरा है।
अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति एर्दोआन ने कहा, 'लोगों को इस बात की शिकायत रहती है कि हम ब्याज दरों में कटौती करते रहते हैं। आप इसके अलावा मुझसे किसी प्रकार की उम्मीद भी मत रखिए। मैं एक मुसलमान हूं, इसलिए मैं इस्लाम की शिक्षा के तहत ही काम करता रहूंगा।'
राष्ट्रपति कई बार ले चुके हैं सहारा
राष्ट्रपति एर्दोआन तुर्की के बिगड़ते आर्थिक हालात के लिए पहले भी इस्लाम का सहारा ले चुके हैं। इसे पहले भी एर्दोआन कह चुके हैं कि कुछ देशों द्वारा तुर्की पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से लीरा के मूल्य में गिरावट आ रही है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया था कि तुर्की अपनी आर्थिक नीतियों में बदलाव नहीं करेगा।