तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन और उनके मंत्रियों ने हाल के महीनों में अंकारा के कथित नाटो सहयोगी ग्रीस और साइप्रस गणराज्य के खिलाफ आक्रामक बयान दिए हैं। 11 दिसंबर को सैमसन के एक भाषण में राष्ट्रपति एर्दोआन ने तुर्किये में कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के उत्पादन की चर्चा करते हुए कहा है कि यह मिसाइल नहीं आंधी है जो कि किसी दुश्मन के नापाक इरादे को तबाह करने की क्षमता रखती है। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर ग्रीस शांत नहीं रहता है तो इन मिसाइलों को लॉन्च कर उसे तबाह कर देंगे।
ग्रीस को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी: एर्दोआन
एर्दोआन ने कहा कि अब हमने अपनी खुद की मिसाइलें बनानी शुरू कर दी है। बेशक, यह उत्पादन यूनानियों को डराता है। जब आप 'टायफुन' कहते हैं, तो यूनानी डर जाते हैं और कहते हैं यह एथेंस से टकराएगा। हां. निश्चित रूप से, यह होगा... यदि आप शांत नहीं रहते हैं। यदि आप यहां और वहां से हथियार खरीदने की कोशिश करते हैं या अमेरिका से और द्वीपों का सैन्यीकरण करते हैं, तो तुर्किये जैसा देश तमाशबीन नहीं बनेगा। उसे कुछ करना होगा।
दशकों से, तुर्किये और ग्रीस के बीच असंख्य मुद्दों पर विवाद
दशकों से, तुर्किये और ग्रीस असंख्य मुद्दों पर विवाद में रहे हैं। 20वीं शताब्दी में, दोनों देशों ने दो युद्ध लड़े और कई मौकों पर युद्ध के कगार पर आ गए, जिसमें उनकी समुद्री सीमाएं, उनके महाद्वीपीय समतलों पर अतिव्यापी दावे और 1974 से साइप्रस के उत्तरी भाग पर कब्जा शामिल है। इसके अतिरिक्त, वे एक हथियारों की होड़ में लगे हैं जो स्पष्ट रूप से उनकी अर्थव्यवस्था को कमजोर करती है।
दोनों देशों में इन मुद्दों पर है विवाद
हाल के महीनों में, राष्ट्रपति एर्दोआन ने तुर्किये के समुद्र तट के करीब 23 ईजियन द्वीपों में से 13 के सैन्यीकरण और उनके विमुद्रीकरण की मांगों पर ध्यान केंद्रित किया है। अंकारा का दावा है कि ग्रीस अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन करते हुए द्वीपों को हथियारबंद कर रहा है, जबकि एथेंस का कहना है कि वह अंकारा के बार-बार के खतरों से अपने क्षेत्र की रक्षा कर रहा है। ग्रीक और तुर्की लड़ाकू जेट नियमित रूप से ईजियन द्वीपों पर करीबी सीमा (डॉगफाइट्स) में हवाई लड़ाई में शामिल होते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ जाता है और आशंका है कि कोई दुर्घटना हो सकती है जिससे युद्ध छिड़ सकता है।
तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोआन ने हाल ही में एक भाषण में कहा कि बिना मतलब के ग्रीस को धमकी नहीं दी जा रही। इसके पीछे बहुत सारी वजहें हैं। उन्होंने कहा कि आप जिन द्वीपों पर कब्जा करते हैं, वे हमें बांधते नहीं हैं। समय आने पर हम वही करेंगे जो आवश्यक होगा। जैसा कि हम कहते हैं, हम एक रात अचानक आ सकते हैं।