पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने देश के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में अलग-अलग खुफिया-आधारित अभियानों में एक कुख्यात तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कमांडर और दो अन्य को मार गिराया है और कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में मंगलवार को यह जानकारी सामने आई।
डॉन अखबार ने बताया कि आतंकवादियों की कथित मौजूदगी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे देश के उत्तर-पश्चिम प्रांत के टांक और डेरा इस्माइल खान जिलों में सोमवार को दो अलग-अलग अभियान चलाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिबंधित टीटीपी गंडापुर समूह (TTP Gandapur group) का अब्दुल जबर शाह सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराए गए तीन आतंकवादियों में शामिल है।
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने टीटीपी के कुख्यात कमांडर अब्दुल जबर शाह के मारे जाने का सोमवार को दावा किया था। जबर शाह कई कानून प्रवर्तन एजेंसी और पोलियो दलों पर कई हमले करने में शामिल था। सुरक्षा बलों ने बताया कि दक्षिण वजीरिस्तान कबायली जिले की सीमा से सटे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक अभियान के दौरान प्रतिबंधित टीटीपी समूह का कमांडर अब्दुल जबर शाह मारा गया।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई में दो अन्य आतंकवादी घायल भी हुए हैं। जबर शाह कई कानून प्रवर्तन एजेंसी, धार्मिक समूहों एवं पोलियो दलों पर हमले और टीटीपी के लिए जबरन वसूली करने की घटनाओं में शामिल था।
सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए एक अलग अभियान में हाफिज गुल बहादुर समूह के एक प्रमुख कमांडर मेहताब उर्फ लाला सहित सात आतंकवादियों को उत्तरी वजीरिस्तान कबायली जिले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आतंकवादी कई आतंकवादी गतिविधियों, विशेष रूप से सुरक्षा बलों और नागरिकों के खिलाफ लक्षित हत्याओं के लिए वांछित हैं।
पिछले हफ्ते प्रांत में आतंकवादियों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम सात आतंकवादी मारे गए थे, जबकि तीन पाकिस्तानी सैनिकों ने जान गंवाई थीं। प्रतिबंधित टीटीपी ने हाल के महीनों में हमलों में तेजी की है और तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के अधिग्रहण के बाद स्पष्ट रूप से मजबूत हो गया है।
बता दें, 2007 में कई आतंकवदी संगठनों के एक समूह ने पाकिस्तान सरकार के साथ संघर्ष विराम खत्म करने का आह्वान किया था और अपने आतंकवादियों को देश भर में आतंकवादी हमले करने का आदेश दिया था।